मुख्यपृष्ठसमाचारतापमान से पिघल गई घाटी!

तापमान से पिघल गई घाटी!

 गुलमर्ग में स्कीइंग के बाद अब ट्यूलिप गार्डन बंद
 लद्दाख में पैंगांग झील से भी लापता हो गई है बर्फ
सुरेश एस डुग्गर / जम्मू। बढ़ते तापमान का असर कश्मीर नहीं बल्कि बर्फीले रेगिस्तान लद्दाख पर भी पड़ रहा है। गुलमर्ग में स्कीइंग को गायब करने के बाद तापमान के बढ़ने से अब समय से पहले ट्यूलिप गार्डन को बंद करने पर मजबूर कर दिया है। सेब, चेरी, आलू, बुखारा की फसलों पर भी असर पड़ रहा है। लद्दाख में चीन सीमा पर पैंगांग झील के किनारों से बर्फ कब की लापता हो चुकी है और एलओसी के पहाड़ों पर भी तेजी से पिघलती बर्फ सेना के लिए चिंता पैदा कर रही है। बता दें कि इस साल ३१ मार्च को पहले ही सरकारी आदेश के बाद गुलमर्ग में स्कीइंग को इसलिए बंद कर दिया गया था, क्योंकि जिन स्थानों पर स्कीइंग होती थी वहां से गर्मी के कारण बर्फ पूरी तरह से नदारद हो गई थी। फिर २३ मार्च को खोले गए एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन को भी निर्धारित ८ दिन पहले ही बंद कर देना पड़ा। पिछले साल यह करीब ३५ दिनों तक खुला रहा था पर इस बार इसे ८ दिन पहले बंद कर देना पड़ा है। तापमान के बढ़ने से फूल मुरझाने लगे। ट्यूलिप गार्डन में लाखों फूलों को देखनेवालों ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार अभी तक चार लाख से अधिक लोगों ने ट्यूलिप गार्डन का दौरा किया है।
पर्यटकों की संख्या हुई कम
बता दें कि ट्यूलिप गार्डन में आने वालों की संख्या नहीं, बल्कि बढ़ता तापमान है जिससे फिलहाल मुक्ति नहीं मिल पा रही है। आधिकारिक तौर पर माना जा रहा है कि प्रदेश में इस बार ९० फीसदी बारिश की कमी होने से सब सूखने लगा है। इसी तरह का सूखे लद्दाख में पैंगांगा झील के आसपास के पहाड़ों और एलओसी के पहाड़ों पर जमी बर्फ पर भी पड़ने लगा है। सेनाधिकारियों के मुताबिक बर्फ का इतनी जल्दी पिघलना चिंता का कारण है, क्योंकि ऐसे माहौल में आतंकी घुसपैठ के प्रयास तेज हो सकते हैं। पहले मई के अंत तक बर्फ टिकी रहने से सेना मई तक निश्ंिचत हो जाती थी। कश्मीर में इस बार बढ़ते तापमान के कारण ऐसा लग रहा है कि फूलों की महक ही गायब हो गई है।

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