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पारा चढ़ा, मांग बढ़ी… मुंबईकर मांगे ठंडा-ठंडा, कूल-कूल! …यात्रियों में बढ़ रही एसी ट्रेनों की मांग

पश्चिम रेलवे की तुलना में मध्य रेलवे में एसी सेवाएं काफी कम
सामना संवाददाता / मुंबई
पारा चढ़ने के साथ ही गर्मी ने अपना रुख दिखाना शुरू कर दिया है। बढ़ती गर्मी के कारण मुंबईकर पसीना-पसीना हो रहे हैं। ऐसे में अब ठंडा-ठंडा,कूल-कूल की मांग भी बढ़ गई है और मुंबईकरों को एसी लोकल की यात्रा भा रही है। इसकाशंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसी लोकल ले टिकटों की बिक्री में भी वृद्धि देखने को मिली है। मध्य रेलवे (सीआर) और पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) दोनों इन सेवाओं के लिए सीजन टिकटों की बिक्री में २.५ गुना वृद्धि देखी गई है। १ अप्रैल को, ३,५०० से अधिक यात्रियों ने पश्चिम रेलवे की सेवाओं के लिए सीजन टिकट बुक किए, जबकि २,४०० यात्रियों ने मध्य रेलवे सेवाओं के लिए षीजन टिकट निकाला।
पश्चिम रेलवे कुल ९६ एसी सेवाएं संचालित करती है, जिसमें प्रतिदिन औसतन एक लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि मध्य रेलवे ६६ सेवाएं संचालित करता है, जिसमें प्रतिदिन ५६,००० यात्री यात्रा करते हैं। १ अप्रैल को सीजन टिकट बुकिंग में हुई वृद्धि ने पश्चिम रेलवे की यात्रियों की संख्या को २.३९ लाख और मध्य रेलवे के यात्रियों की संख्या १.५७ लाख तक पहुंच गई है। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, `रिकॉर्ड तोड़ ३,५६१ यात्रियों ने सीजन टिकट बुक किए, जो इन सेवाओं की पर्याप्त मांग को रेखांकित करता है।’ वही मध्य रेलवे पर १ अप्रैल को कुल २,४३४ सीजन टिकट बुक किए गए। तुलनात्मक रूप से मार्च में वेस्टर्न रेलवे ने औसतन प्रतिदिन १,४५० सीजन टिकट बुकिंग की, जबकि मध्य में ९५० थी। वेस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, `मार्च की तुलना में एसी सीजन टिकटों की मांग में २.४ गुना वृद्धि देखी गई।’ मध्य रेलवे पर, एसी सीजन टिकटों की मांग मार्च की तुलना में २.५ गुना अधिक थी। इस बीच, वेस्टर्न को उम्मीद है कि उसकी एसी सेवाएं जल्द ही १०० का आंकड़ा पार कर जाएंगी, जिसके लिए अगले दो वर्षों में चार और रेक हासिल करने की योजना है, जिसमें जून से पहले दो रेक शामिल हैं।
बढ़ रही है मांग, रैक मिलने की उम्मीदें कम
बता दें कि मध्य रेलवे पर यात्रियों द्वारा एसी ट्रेनों की कम संख्या के प्रति शिकायतें की जाती हैं। मध्य रेलवे के ट्रांस हार्बर लाइन पर एसी सेवाओं के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वही पश्चिम रेलवे के मुकाबले मध्य रेलवे में एसी सेवाएं काफी कम दी गई हैं।

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