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भाजपा का बढ़ा टेंशन! रिटायरमेंट के बाद किसानों की लड़ाई लड़ेंगे सतपाल मलिक

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि वह किसानों की लड़ाई ल़ड़ेंगे। इसके लिए चाहे जेल भी जाना पड़े तो वह इससे भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने किसानों को फिर से लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। इसके लिए सतपाल मलिक ने अपनी रणनीति का एलान कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाने की कोशिश करेंगे। मुझे २०२४ में भाजपा की करारी हार देखनी है। किसान विरोधी भाजपा अब सत्ता में आने का ख्वाब न देखे। रिटायरमेंट के बाद मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक मंगलवार को गांव सेगली में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे और यहां पर स्व. सतवीरी देवी की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में बनाए गए द्वार का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। तीन कृषि काले कानून तो वापस हो गए लेकिन एमएसपी को अभी तक लागू नहीं किया गया है। एमएसपी के बगैर किसानों का भला नहीं होनेवाला है। चौधरी छोटूराम ने यह जंग छेड़ी थी। ये जंग बिना लड़े नहीं जीती जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को भाकियू नेता राकेश टिकैत ही अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। दिल्ली में किसानों जैसा आंदोलन पूरे देश में नहीं हुआ है। किसानों की एकता से ही तीनों कृषि कानून वापस हुए हैं। मलिक ने कहा कि मैं किसी राजनैतिक दल में शामिल नहीं हो रहा हूं। जहां किसान एकत्रित होने मैं वहीं जाऊंगा। भाकियू के मेरठ मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने उन्हें बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की तस्वीर भेंट की। इस दौरान जेपी विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान किया। इस दौरान पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक होशियार सिंह, अर्जुन चौधरी, मनवीर तेवतिया आदि उपस्थित थे।

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