मुख्यपृष्ठनए समाचाररेलवे स्टेशनों पर मच्छरों का आतंक, तेजी से फैल रहा मलेरिया! ...मिले...

रेलवे स्टेशनों पर मच्छरों का आतंक, तेजी से फैल रहा मलेरिया! …मिले एनोफिलीज मच्छरों के लार्वा

• मनपा मार रही है धुआं  

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में मौसमी बीमारियों की रफ्तार कम न होने से लोग परेशान और चिंतित हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर भी मलेरिया रोग पैâलानेवाले एनोफिलीज मच्छरों ने आतंक मचा रखा है। इसमें पश्चिम रेलवे के दादर, माटुंगा, माहिम और मध्य रेलवे के सायन सहित नौ स्टेशनों पर एनोफिलीज मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। इसे लेकर मनपा प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यहां मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए फ्युगिगेशन किया जा रहा है।
मुंबई समेत महाराष्ट्र में जुलाई महीने में हुई भारी बारिश के बाद मानसूनी बीमारियों ने भी सिर उठा लिया। हालांकि, इसके बाद बारिश पर ब्रेक तो लग गया लेकिन मानसूनी बीमारियों की चपेट में आनेवाले मरीजों की संख्या बढ़ना जारी है। इसमें पूरे मुंबई में १५ अगस्त तक मलेरिया के ४६२, डेंगू के ३१७ मामले, लेप्टो के १५१ और गैस्ट्रो के ४२९ मामले सामने आए। हालांकि १५ से २० अगस्त के बीच मलेरिया, डेंगू, लेप्टो, स्वाइन फ्लू और पीलिया जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में १०० से १५० की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बीच अब रेलवे की सीमा में भी तरह-तरह की मौसमी बीमारियों ने अपना बसेरा बना लिया है। इस पृष्ठभूमि में मनपा के जी नॉर्थ विभाग ने मच्छरों के लार्वा की खोज के लिए एक अभियान चलाया है। इस अभियान में दादर, माहिम, माटुंगा और सायन समेत नौं स्टेशनों की छतों पर मलेरिया पैâलाने वाले मच्छरों के लार्वा मिले हैं। जी नॉर्थ विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत सपकाले ने कहा कि मनपा कीटनाशक विभाग मच्छरों के लार्वा के प्रजनन स्थानों को नष्ट करने के लिए दवा का छिड़काव कर रहा है।
ऐसे हो रही कार्रवाई
मानसून में होनेवाली बीमारियों की रोकथाम के लिए मुंबई मनपा ने मच्छरों के लार्वा की तलाश में कीटनाशकों के छिड़काव का अभियान शुरू किया है। इमारत परिसरों में पानी की टंकियां, छत पर डाले गए अनावश्यक सामान, झुग्गियों में पानी के ड्रम, प्लास्टिक के तिरपालों में जमा बारिश का पानी, मलबा, निर्माण स्थल आदि का निरीक्षण किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान मच्छरों का लार्वा पाए जाने पर प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जा रहा है।

सावधानी बरतें नागरिक
बारिश का पानी जमा होने से वह दूषित हो जाता है। इस पानी से गैस्ट्रो, टाइफाइड, कॉलेरा, पीलिया और मच्छरों से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं। इसलिए इन बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपने घरों और परिसरों को साफ-सुथरा रखने, पानी जमा न होने देने और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लेने की अपील की है।

अन्य समाचार