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यूपी में आवारा पशुओं का आतंक चौकीदार बने अन्नदाता! …सर्द रातों में किसानों ने खेत को बनाया ठिकाना

फसलों की रखवाली में दांव पर लगा रहे जान
योगेंद्र सिंह ठाकुर / रायबरेली
उत्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने लोगों को ठिठुरा दिया है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचने के लिए लोग सुबह देर तक घरों में रहते हैं, लेकिन अन्नदाता अपनी फसलों की रखवाली के लिए दिन-रात चौकीदारी करने पर मजबूर हैं। अमेठी की सलोन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके के किसानों का बुरा हाल है। किसान अपने खेतों में खड़ी फसल को सांड, सूअर, नील गाय सहित अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए सर्द रात में खेत को अपना ठिकाना बना चुके हैं। कड़ाके की ठंड के बीच किसान एक हाथ में टॉर्च और दूसरे हाथ में डंडा लेकर जान दांव पर लगा कर खेतों की रखवाली में डटे हैं।
सूत्रों की मानें तो छुट्टा पशुओं को पकड़ने में सभी सरकारी योजनाएं फेल होती नजर आ रही हैं। आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से परेशान किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि लाचार प्रशासन की लापरवाही से उनकी मेहनत मिट्टी में मिल रही है। राजकुमार यादव बताते हैं कि किसानों की सर्द रातें फसलों की रखवाली में गुजर रहीं हैं। आवारा जानवर कुछ ही देर में पूरी फसल चट कर जाते हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। इस समय गेंहू और सरसों की फसल किसानों ने खेतों में लगाई है। किसानों द्वारा लगाई गई गेंहू की फसल खेतों में उग चुकी है, वहीं सरसों की फसल में भी फूल लगे चुके हैं, लेकिन आवारा पशु बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोपालपुर, गंगापुर सहित आस-पास के किसानों का कहना है कि दर्जनों की संख्या में छुट्टा पशु और जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान कर रहे हैं, किसानों का दर्द है कि छुट्टा पशुओं और नीलगाय की वजह से फसल बर्बाद हो रही है।
फसलों की लागत निकालना मुश्किल
जहां एक बीघा में ५ से ६ क्विंटल गेंहू का उत्पादन होता था, उस खेत में २ से २.५ क्विंटल प्रति बीघा गेहूं की पैदावार होना मुश्किल है। हीरालाल, महादेव यादव भगत वर्मा आदि का कहना है कि किसानों की फसलों की लागत भी निकलनी मुश्किल हो गई है। सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए कई योजना बनाई है। जगह-जगह गौशालाएं बनाई गई हैं। किसानों का कहना है कि कई शिकायतें की गर्इं, लेकिन जंगली जानवरों और छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात नहीं मिल रही है।
परेशान किसान
आवारा पशुओं को खेतों में घुसने से रोकने के लिए किसानों को खेत के रखवाली के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ रही है। आवारा पशु दर्जनों से अधिक संख्या में रहते हैं। ये जिस खेत में घुस जाते हैं, वहां खेत में लगी फसल को रौंदकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। किसानों की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं और हर संभव प्रयास का दावा कर रहे हैं। इसके बावजूद आवारा जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

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