मुख्यपृष्ठनए समाचारआतंकियों का कहर जारी; एक और कश्मीरी पंडित की हत्या, दो जख्मी

आतंकियों का कहर जारी; एक और कश्मीरी पंडित की हत्या, दो जख्मी

  • कश्मीर में पिछले २४ घटों में तीन आतंकी हमले

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

आतंकियों ने एक बार फिर दो कश्मीरी पंडित भाइयों पर गोलियां बरसा कर एक की जान ले ली। एक भाई गंभीर रूप से जख्मी है। कल भी आतंकियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो हमले किए थे। एक हमला पुलिस कंट्रोल रूम पर हुआ था तो दूसरा कश्मीरी पंडित पर। ताजा हमले में एक भाई की अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। अभी तक इस हमले की किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है जबकि आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे लश्कर के हिट स्कवाट टीआरएफ का हाथ हो सकता है।
इससे पहले १२ अगस्त शुक्रवार को भी आतंकियों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था। दहशतगर्दों ने बांडीपोरा के सोदनारा सुंबल में गैर-कश्मीरी मजदूर पर फायरिंग की थी। गोली लगने से घायल मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घाटी में पिछले चार महीनों में टारगेट कर कई लोगों को निशाना बनाया गया है।
ताजा हमला शोपियां के चोटीगाम में उस समय हुआ जब सुनील कुमार पुत्र अर्जुन नाथ और उसका भाई पिंटू कुमार अपने घर के पास ही अपने सेबों के बाग में काम कर रहे थे। तभी वहां पर हथियार बंद आतंकी पहुंचे और उन्होंने दोनों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी मौके से भाग निकले और गोलियों की आवाज सुनकर जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो वहां दोनों भाई खून से लथपथ मिले। दोनों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां पर जांच के बाद डाक्टरों ने सुनील कुमार को मृत घोषित कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दूसरे भाई पिंटु कुमार को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, जबकि इस हमले के बाद पुलिस व सेना ने घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि आतंकी हमले के बाद आसपास के ही इलाके में कहीं छिपे होंगे। सोमवार को भी कश्मीर में किए गए कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच आतंकियों ने दो ग्रेनेड हमले किए। इनमें एक कश्मीरी पंडित और एक पुलिसकर्मी समेत दो लोग जख्मी हो गए। पहला हमला बडगाम जिले के गोपालपोरा में और दूसरा श्रीनगर में पुलिस नियंत्रण कक्ष पर हुआ है। हमलों की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा का हिट स्क्वॉड कहे जाने वाले द रजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ ने ली है। इन हमलों में लिप्त आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर दो अलग-अलग तलाशी अभियान चलाए हैं।

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