मुख्यपृष्ठनए समाचारभ्रष्टाचार का अड्डा बना ठाणे तहसीलदार कार्यालय मंडल, अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

भ्रष्टाचार का अड्डा बना ठाणे तहसीलदार कार्यालय मंडल, अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

सामना संवाददाता / ठाणे

ठाणे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तरफ से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर ठाणे जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन रिश्वत के मामले थम नहीं रहे हैं। कुछ महीने पूर्व ठाणे के नायब तहसीलदार वासुदेव पवार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। यह मामला अभी ठंडा भी नही हुआ था कि बुधवार को देर शाम ठाणे तहसीलदार कार्यालय के मंडल अधिकारी (कानूनगो) महेंद्र पाटिल को दो लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, रेमंड कंपनी के पास किसी काम के लिए खुदाई का काम शुरू है। मंडल अधिकारी महेंद्र पाटिल ने अनुमति से अधिक खुदाई की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित ठेकेदार से 10 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। एक बिचौलिये के जरिए 6 लाख रुपए में समझौता हुआ। रिश्वत की पहली किश्त 20 दिसंबर और बाकी का पैसा 23 दिसंबर तक देना तय हुआ। इस संबंध में मिली शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने जाल बिछाया और रिश्वत के रूप में दो लाख रुपए लेते महेंद्र पाटिल और उनके सहयोगी माजिद महमूद मलिक को गिरफ्तार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि जमीन का हेरफेर करने के लिए पिछले 9 अप्रैल को ठाणे के शासकीय विश्रामगृह में एक व्यक्ति से 1 लाख 42 हजार रुपए लेते हुए नायब तहसीलदार वासुदेव पवार को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद तहसील के सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। इसके बावजूद ठाणे तहसीलदार कार्यालय में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक नही लग पाई है। कुछ महीने पहले भिवंडी के नायब तहसीलदार सिंधु खाड़े को भी रिश्वत खोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।

अन्य समाचार