" /> सुकून का सफर! २० मिनट में ठाणे से बोरीवली…

सुकून का सफर! २० मिनट में ठाणे से बोरीवली…

भूमिगत मार्ग परियोजना को मिली गति

११.८ किमी का लंबा होगा मार्ग
१०.२५ किमी की बनेगी दो सुरंगें
कुल छह लेन का होगा मार्ग
`११,२३५.४३ करोड़ है अनुमानित खर्च
परियोजना पूरी होने में लगेगा पांच साल

ठाणे से बोरीवली के बीच ११.८ किलोमीटर का भूमिगत मार्ग नागरिकों के लिए सुकून का सफर साबित होनेवाला है। इसे लेकर एमएमआरडीए तीव्रगति से काम करना शुरू कर दिया है। परियोजना पूरी होने के बाद ठाणे से बोरीवली की दूरी को सिर्फ २० मिनट में तय किया जा सकेगा। इसके लिए व्यापक योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में ठाणे से बोरीवली पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। हालांकि भविष्य में ठाणे-बोरीवली भूमिगत मार्ग के अस्तित्व में आने से यह दूरी सिर्फ २० मिनट में तय की जा सकेगी। बता दें कि महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) की यह परियोजना बीते पांच साल से ठप थी। हालांकि अब इस परियोजना को एमएमआरडीए को सौंप दिया गया है। इस पर एमएमआरडीए ने काम भी शुरू कर दिया है।

एमएमआरडीए आयुक्त एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि परियोजना को लेकर मास्टर प्लान पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में एक प्रस्ताव प्राधिकरण के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा मंजूरी मिलने के बाद मास्टर प्लान तैयार करने के लिए निविदा आमंत्रित कर सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद अगली प्रक्रिया पूरी कर परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बहुत लंबी है। प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में पांच से साढ़े पांच साल का समय लगेगा।

जैव विविधता को बचाने के लिए विशेष सावधानी
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरनेवाली दोनों सुरंगों को बनाते समय जंगली जानवरों और वनस्पतियों के जीवन को किसी तरह की क्षति न पहुंचे इस पर विशेष ध्यान रहेगा। इसके लिए सुरंग खोदने वाली मशीनरी का उपयोग किया जाएगा। उद्यान की जैव विविधता को बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने पर ध्यान दिया जाएगा।

४०.४६ हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण
ठाणे-बोरीवली सुरंग के लिए ४०.४६ हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। इसमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर १६.५४ हेक्टेयर निजी भूमि का भी समावेश है।

हर ३०० मीटर पर क्रॉस टनल
हर ३०० मीटर पर क्रॉस टनल होंगी। साथ ही यहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार ८० किलोमीटर प्रति घंटे निश्चित की गई है। बोरीवली और ठाणे के बीच ६० मिनट की यात्रा का समय घटकर १५ से २० मिनट हो जाएगा। इससे समय और १०.५ लाख मीट्रिक टन र्इंधन की बचत होगी।

३६ प्रतिशत कम होगा कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन
इस पहल से कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में ३६ प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। ड्रेनेज सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और जेट पैâन सहित इसी तरह की अन्य सुविधाओं को तैयार किया जाएगा। संकरी सुरंग के भीतर की हवा साफ और ताजा रखने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे।

११ हजार करोड़ के इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू है। इस संबंध में जल्द प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए प्राधिकरण के समक्ष रखा जाएगा।
-एसआरवी श्रीनिवास-एमएमआरडीए आयुक्त

सबसे बड़ी बात यह है कि इस भूमिगत मार्ग के अस्तित्व में आने से कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। इससे पर्यावरण क्षति को बचाए जाने में मदद मिलेगी।
विनय सिंह
-स्थानीय नागरिक व पर्यावरण प्रेमी

ठाणे से बोरीवली भूमिगत परियोजना के साकार होने के बाद समय के साथ खर्च का बचत होगा। कुल मिलाकर यह लोगों के लिए सुकून का सफर साबित होने वाला है।
-तपस्या कश्यप -स्थानीय निवासी