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२० शहरों का कामकाज प्रशासकों के कंधों पर चालीस गद्दारों की सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को पैरों तले राैंद रखा है! …‘राष्ट्रीय मतदाता दिन’ पर आदित्य ठाकरे का घातियों पर जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की २० महानगर पालिकाओं में चुनाव न होने के कारण उनका कामकाज प्रशासक के कंधों पर डाल दिया गया है। इस तरह यह असंवैधानिक सरकार जनता की अनदेखी कर रही है। इससे करीब १.२० करोड़ नागरिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिवसेना से गद्दारी करके सत्ता की कुर्सी पर बैठी यह असंवैधानिक सरकार संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को पैरों तले रौंद रही है। इस तरह का जोरदार हमला कल ‘राष्ट्रीय मतदाता दिन’ के मौके पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने घातियों पर किया।
‘राष्ट्रीय मतदाता दिन’ पर आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ पर चुनाव आयोग से हाथ मिलाकर काम करनेवाले घातियों की अकुशलता का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के समक्ष हमारे पक्ष की ओर से घातियों की अयोग्यता के सबूत पेश करने के बाद भी जानबूझकर हमारे खिलाफ पैâसला दिया गया। यह एक तरह से घोटाला ही है। इसलिए चुनाव आयोग कम से कम अब तो लोकतंत्र बचाने के लिए काम करे। इस तरह का आह्वान भी उन्होंने किया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग ने पुणे और चंद्रपुर में सालभर से रिक्त संसदीय सीट पर चुनाव नहीं कराया है। ऐसे में यहां की मूलभूत समस्याएं वैंâसे दूर होंगी। इस तरह का सवाल उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग कभी मतदाताओं की सुनेगा।

इलेक्शन कमीशन अथवा कंप्रोमाइज कमिशन!
आदित्य ठाकरे ने कहा है कि हिम्मत है तो गद्दार इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़कर दिखाएं और विधानसभा में आएं। हालांकि, इलेक्शन कमीशन पूरी तरह से कंप्रोमाइज हो गया है। इसलिए चुनाव आयोग हमारी ओर से मतदाताओं, मतदान और लोकतंत्र में विश्वास की उम्मीद वैâसे कर सकता है? इस तरह का सवाल भी उन्होंने किया।

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