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घात हुआ.. ठाणे पर विश्वासघात की मुहर लगी… दिघेसाहेब, पीठ पर हाथ रखो और कहो कि लड़ो!

सामना संवाददाता / ठाणे
शिवसेना के ५६ वर्ष के इतिहास में विजय की शुरुआत होते ही हमने आपका ५६ इंच का सीना गर्व से भरा हुआ देखा। जिस ठाणे ने पहली बार सत्ता दी, उसी ठाणे में घात हुआ…गद्दारी की मुहर लग गई.. छाती पर नहीं पीठ पर वार किया गया.. गद्दारों को क्षमा नहीं, यह आप ही ने कहा था..लेकिन साहेब, चिंता न करें। हम जान की बाजी लगा देंगे। `शिवसेना का ठाणे और ठाणे की शिवसेना’ यह रिश्ता कभी मिटने नहीं देंगे। फिर एक बार आपका शिवसैनिक इस तूफान में भी पहाड़ जैसा खड़ा रहेगा। केवल आपका आशीर्वाद हम पर बना रहे और पीठ पर हाथ रखकर केवल लड़ने के लिए कहिए…ऐसा भावनात्मक पत्र शिवसेना सांसद राजन विचारे ने शिवसेना के दिवंगत जिलाप्रमुख आनंद दिघे को अर्पित किया है।
शिवसेना को धोखा देने के बाद, ठाणे के नगरसेवक और विधायक अपने स्वार्थ के लिए एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए हैं। उनमें से कई दावा कर रहे हैं कि हम आनंद दिघे के विचारों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं लेकिन शिवसेना के सांसद राजन विचारे ने कल दिवंगत आनंद दिघे को एक सार्वजनिक पत्र अर्पित कर गद्दारों को बेनकाब कर दिया है। विचारे ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, `साहेब आज आपको गए २१ वर्ष हो गए हैं। लेकिन एक भी दिन ऐसा नहीं होता है, जब आप की याद नहीं आती। मुझे आज कुछ ज्यादा ही याद आ रही है। हम १६ साल की उम्र से आपके साथ काम कर रहे हैं। कई लड़ाइयां लड़ी। इन सभी यात्राओं में आप हमारे साथ थे। आज भी अंधेरे में राह दिखाते हुए आप हमारे साथ हैं। एकदम धधकते हुए दीपक की तरह।’ इसके आलावा सांसद राजन विचारे ने और कई महत्वपूर्ण बातों का उल्लेख कर गद्दारों की जमकर खबर ली है।

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