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महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान पर्यटन योजनाओं पर लगी रोक हटी … कोर्ट की फटकार से ठिकाने पर ‘घाती’ सरकार!

सामना संवाददाता / मुंबई
महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा राज्य में पर्यटन के विकास के लिए अनुमोदित योजनाओं पर लगी रोक ‘घाती’ सरकार ने कल हटा दी। १ अप्रैल, २०२१ के बाद स्वीकृत सभी पर्यटन योजनाएं, जिनके लिए निविदा नहीं निकाली गई थी या जिनके लिए निविदा के बाद कार्य आदेश प्राप्त नहीं हुए थे और कार्य आदेश प्राप्त होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुुए थे, उन सभी पर लगी रोक कल हटा दी गई है।
महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान तत्कालीन पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने क्षेत्रीय पर्यटन विकास योजना शुरू करने का पैâसला किया था। इस योजना के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में पर्यटन के लिए बुनियादी सुविधाएं तैयार की जानी थीं। महाविकास आघाड़ी सरकार गिरने से ठीक एक दिन पहले २८ जून २०२२ को ३८१ करोड़ ३० लाख ७१ हजार रुपए की योजना को मंजूरी दी गई थी। उसमें से १६९.६४ करोड़ रुपए की धनराशि संबंधित जिलाधिकारियों को वितरित करने की भी अनुमति दी गई।
लेकिन ‘घाती’ सरकार ने सत्ता में आते ही २५ और २८ जुलाई २०२२ को एक सरकारी परिपत्र जारी कर ३८१़.३० करोड़ रुपए के इस योजना समेत एमटीडीसी की २१४.२८० करोड़ यानी कुल मिलाकर ५९६ करोड़ रुपए के कार्यों को स्थगित करने का निर्णय लिया। साथ ही अगले सरकारी आदेश तक कोई कार्रवाई न करने के निर्देश भी दिए। कुछ समय बाद रोक हटा कर धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई, लेकिन धनराशि वितरण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इन कामों को फिर से रोक दिया गया।
इसके खिलाफ मुंबई हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गर्इं, जिनकी सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि ‘घाती’ सरकार का आदेश असंवैधानिक है। साथ ही मुख्यमंत्री के मौखिक आदेशों के आधार पर मुख्य सचिव द्वारा पारित आदेश संविधान के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थे, ऐसा कोर्ट ने स्पष्ट किया है।

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