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बाबुल के कंधों पर सरकार की नाकामी का बोझ, बेटी की डोली पर भी महंगाई के डोरे!

योगेंद्र सिंह ठाकुर / मुंबई

-२० से ३० प्रतिशत महंगा हो गया बारात का खर्च -लहंगा-चुनरी से लेकर खान-पान तक सभी कुछ     -हुआ हुई पार, क्या यही है ‘अच्छे दिनों की सरकार?’

शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। मगर इस बेतहाशा बढ़ती महंगाई ने ‘बाबुल’ के वंâधों पर सरकार की नाकामी का बोझ काफी बढ़ा दिया है। दरअसल, यह महंगाई बेटी की डोली पर डोरे डाल चुकी है, जिसके कारण बारात का खर्च २० से ३० प्रतिशत महंगा हो चुका है, जबकि लहंगा-चुनरी से लेकर खान-पान तक सभी कुछ कीमतों की हद पार कर चुके हैं। ऐसे में शादी वाले घर में लोग पूछ रहे हैं कि क्या यही है ‘अच्छे दिनों की सरकार?’
गौरतलब है कि चौतरफा बढ़ी महंगाई की चपेट में अब शादी और ब्याह की रस्में भी आ गई हैं। सोने के आभूषणों के दाम आसमान पर पहुंचने के कारण गरीब और मध्यम वर्गों के लिए इसे खरीदना मुश्किल हो रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों को इस साल शादी में डेढ़ से दो लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। संतान की शादी करने वाले माता पिता के सामने कर्ज का संकट पैदा हो गया है। अब तो बर्तन खरीदना भी आसान नहीं लग रहा है। बर्तनों के मूल्य में बढ़ोत्तरी के बाद लोग अपनी लिस्ट को छोटा कर रहे हैं, ताकि कम खर्च में ही बर्तन तो खरीदा जा सके। शादियों का सीजन आते ही कपड़े से लेकर अन्य उपयोगी वस्तुएं महंगी हो गई हैं, जिससे लोगों का जोश ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। सोने, चांदी, बर्तन, कपड़े व इलेक्ट्रॉनिक्स के दामों में तेजी से इजाफा हुआ है।

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