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कार ने कर दी दिल्ली खराब! …बढ़ते पार्किंग विवादों का हो जल्द समाधान

दिल्ली से योगेश कुमार सोनी
देश की राष्ट्र्रीय राजधानी दिल्ली में हर रोज पार्किंग विवाद बढ़ते जा रहे हैं, जिसके चलते लोग एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हो जाते हैं। दरअसल, मामला यह है कि अधिकतर लोगों के पास पार्किंग नहीं है, जिसके चलते सभी के वाहन बाहर खड़े होते हैं। जगह सीमित है और वाहन बहुत अधिक। हालात यह है कि जिसके पास पचास से सौ गज तक मकान है और हर फ्लोर पर अलग-अलग परिवार रहते हैं और सभी के पास गाडियां हैं, तो इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति कितनी भयावह हो चुकी है। जो लोग जहां कुछ समय से गाड़ी खड़ी करते हैं वहां वो किसी को वाहन खड़ा नहीं करने देते। यदि कोई अपना वाहन वहां लगा दे तो वो उसको मारने पर उतारू हो जाते हैं। बीते वर्ष १ जनवरी से ३० दिसंबर के बीच दिल्ली में कुल ६,०५,९०५ वाहन पंजीकृत हुए, जिनकी औसत दैनिक बिक्री १,६६५ थी , वर्ष २०२१ में कुल ४,५९,२३१ निजी, यात्री और मालवाहक वाहन शहर की सड़कों पर उतरे। इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पौने दो करोड़ की जनसंख्या पर अपनी क्षमता से चौगूना अधिक वाहन हैं। दिल्ली से सबसे अधिक वाहन चोरी होने का कारण भी यही है कि यहां लोग पार्कों के पास या सड़क की तरफ वाहन खड़े करते हैं। दिल्ली पुलिस के इस वर्ष के छह माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी के विभिन्न इलाकों से १९ हजार से ज्यादा वाहन चोरी हो चुके हैं। यानी औसतन हर रोज दिल्ली से १०७ वाहन चोरी होते हैं। वाहन चोरी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में दिल्ली पुलिस पूरी तरह विफल साबित हो रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक पकड़े गए गिरोहों का वाहन चोरी करने अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिला। कुछ गिरोह सुबह ५:०० बजे से ८:०० बजे तक मार्निंग वॉक को जाने वाले वाहन चालकों को निशाना बनाते हैं। लोग गाड़ी पार्क कर जिम या पार्कों में चले जाते हैं तो चोर उसे उड़ा लेते हैं।
कुछ गिरोह दोपहर १०:०० बजे से शाम ५:०० बजे तक यह काम करते हैं। कार्यालय के समय पर सड़क पर खड़ी गाड़ियों को चोरी करते हैं। अधिकतर संगठित गिरोह महंगी कारों को रात ११:०० बजे से सुबह ४:०० बजे के बीच चोरी करते हैं। इस समय सबसे अधिक वाहन चोरी होते हैं। बहरहाल, सरकार को यहां अब कोई ऐसा नियम-कानून बनाना चाहिए, जिससे पार्किंग की समस्या का समाधान हो अन्यथा यह समस्या और विकराल रुप ले सकती है। जिसके पास पार्किंग की व्यवस्था हो उस को ही कार मिले इसके अलावा जिसके पास लाइसेंस हो उसे के वाहन का पंजीकरण हो। चूंकि वाहन लेने पर हमारे देश में बहुत ही आसान है। लोग महिलाओं के नाम से भी कार ले लेते हैं। जबकि न तो उस महिला को कार चलानी आती है और नहीं उसके पास लाइसेंस होता। इसके अलावा दिल्ली नगर निगम की ओर से भी ऐसी गाइड लाइन जारी हो कि जो लोग अनधिकृत स्थान पर कहीं भी वाहन लगा देते हैं वह जब्त किए जाएं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर ही अपनी पार्किंग बना ली है। बाजार जाने से पहले लोगों को सौ बार सोचना पड़ता है चूंकि चारों ओर अवैध रुप से लोगों ने पार्किंग बना रखी है जिस पर विभाग भी कार्यवाही नहीं करता। इसके अलावा लोगों में संयम व धैर्य की इतनी कमी है कि जरा सी बात पर लड़ बैठते हैं, जिसके चलते पुलिस के पास अब इस मामले को लेकर बहुत ज्यादा केस आने लगे और इससे पुलिस भी परेशान है। यहां शासन प्रशासन को मुस्तैदी के साथ समस्या का निवारण करना अनिवार्य हो गया।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक मामलों के जानकार हैं।)

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