मुख्यपृष्ठसमाचारजम्मू में केंद्र सरकार नहीं कर रही है प्रयास पीएम ने किया...

जम्मू में केंद्र सरकार नहीं कर रही है प्रयास पीएम ने किया भावनाओं पर आघात!…प्रधानमंत्री की घोषणाओं में महंगाई के मुद्दे गायब

सामना संवाददाता / जम्मू । अनुच्छेद ३७० निरस्त होने के बाद पहली बार‌ पंचायती राज दिवस के अवसर पर जम्मू की धरती पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी से प्रदेश की जनता को जो उम्मीदें थीं वे धरी की धरी रह गर्इं। राज्य का दर्जा एवं लोकतंत्र प्रकिया बहाली समेत युवाओं को रोजगार, महंगाई से उबारने के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने से जम्मू के लोगों में मायूसी एवं निराशा के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा। शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर को खुशहाली का तोहफा देंगे। लेकिन इसके ठीक विपरीत ब़ड़ीr-ब़ड़ी बातें कर आम जनता की आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर दिया। यहां तक कि जम्मू की जनता की भावनाओं से जुड़ी महाराजा हरि सिंह की जयंती पर राजकीय अवकाश तक की घोषणा नहीं की, जिसका वादा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी कर चुके हैं।‌ साहनी ने कहा कि केंद्र सरकार एवं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने के दावे पर केवल भ्रष्टाचार, विकास के नाम पर लूट और माफिया तंत्र साबित हो रहा है।
जन मुद्दों से भटकाने की कोशिश
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में इस समय सबसे ज्वलंत मुद्दे अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी करना और यूटी की तर्ज पर न्यूनतम वेतन लागू करना है। इस पर भी कोई घोषणा करने की बजाय प्रधानमंत्री मोदी ने चुप्पी साधे रखी‌। शिवसेना जम्मू इकाई प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि उपरोक्त तमाम जन मुद्दों को लेकर शिवसेना लगातार मुखर होकर सड़कों पर है। ऐसा नहीं है कि सरकारी तंत्र सीधे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इन तमाम जनमुद्दों की जानकारी नहीं देता। इस सबके बावजूद इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी बेहद निराशाजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है।

अन्य समाचार