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तृतीयपंथियों के गुरुओं की चौखट पर मदद मांगने पहुंचे मुख्य चुनाव अधिकारी और जिलाधिकारी!

• मतदाता सूची में नाम पंजीकृत कराने के लिए गुरुओं से मांगा सहयोग
सामना संवाददाता / मुंबई । महाराष्ट्र में करीब १० लाख तृतीयपंथी हैं और अगर उन सभी को वोट देने का अधिकार मिल जाए तो उनकी समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकता है। यह बात राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी तथा प्रधान सचिव श्रीकांत देशपांडे ने कही। देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार है, उसी प्रकार यह अधिकार तृतीयपंथी समाज को भी है। यदि तृतीयपंथी संगठित तरीके से मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं, तो उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त होगा। अभी तक राज्य में सिर्फ ३,७०० लोगों ने तृतीयपंथीय वोटर के तौर पर पंजीकृत कराया है। मतदाता सूची में राज्य के सभी तृतीयपंथीय समाज पंजीकृत कराए, इसके लिए तृतीय पंथियों के गुरु सहयोग करें। ऐसा आह्वान राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने कल किया। मुंबई के भायखला में स्थित तृतीय पंथियों के गुरु ने कालोनी में जाकर मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत देशपांडे से मुलाकात की। इस अवसर पर मुंबई शहर जिलाधिकारी राजीव निवतकर, उपजिलाधिकारी माधव पाटील, तृतीयपंथियों के गुरू, मुंबई किन्नर ट्रस्ट, किन्नर मॉ संस्था के सदस्य आदि उपस्थित थे। तृतीयपंथियों के सवाल, उनकी समस्याएं अलग हैं और राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों को इसके बारे में पता होना चाहिए। इसके लिए तृतीय पंथियों के गुरुओं, सरकारी अधिकारियों, सरकारी विभागों, गैर सरकारी संगठनों के राज्य स्तरीय सम्मेलन लेने पर विचार किया जा रहा है।

 

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