मुख्यपृष्ठनए समाचार‘राणे पुत्र’ की हालत हुई खस्ता...माफी मांगी तब मिला रस्ता

‘राणे पुत्र’ की हालत हुई खस्ता…माफी मांगी तब मिला रस्ता

  • नाराज ग्रामीणों ने निकाली रिफाइनरी परियोजना की भड़ास

सामना संवाददाता / मुंबई
रत्नागिरी के राजापुर तहसील में मोदी सरकार एक रिफाइनरी परियोजना लगाने पर अड़ी है। स्थानीय लोग इस परियोजना का भारी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस परियोजना से प्रदूषण बढ़ेगा और पर्यावरण पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के पुत्र और भाजपा के पूर्व सांसद नीलेश राणे कल वहां जायजा लेने गए थे। उन्हें वहां पर देखकर स्थानीय ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने नीलेश को घेर लिया। भीड़ का आक्रोश देखकर ‘राणे पुत्र’ की सांसें फूल गईं। भीड़ में करीब पौने घंटे तक वे फंसे रहे। ग्रामीणों का उग्र रूप देखकर नीलेश ने उनसे माफी मांगने में ही भलाई समझी। काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हो सके और तब जाकर नीलेश अपनी गाड़ी से वहां से निकले। नीलेश ने ग्रामीणों से वादा किया कि वे उनकी बात सरकार तक पहुंचाएंगे और इस समस्या का कोई-न-कोई हल जरूर निकलेगा।
गौरतलब है कि राजापुर तहसील के सोलगांव-बारसू-शिवणे क्षेत्र में एक रिफाइनरी लगाने का षडयंत्र किया गया है। गत जून में इस संबंध में मिट्टी के परीक्षण के लिए एक टीम वहां गई थी। तब नाराज ग्रामीणों ने उस टीम को वहां काम करने नहीं दिया था। अब एक बार फिर से मिट्टी परीक्षण की बात सुनकर ग्रामीण उत्तेजित हो गए हैं।

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