मुख्यपृष्ठनए समाचारकूनो की मौतों पर से उठा पर्दा, बासी मांस खिलाने से सजी...

कूनो की मौतों पर से उठा पर्दा, बासी मांस खिलाने से सजी चीतों की चिता! डॉक्टर करते हैं भ्रष्टाचार, चीता मित्र रमेश सिंह सिकरवार का सनसनीखेज आरोप

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नामीबिया से लाए गए चीतों की कूनो नेशनल पार्क में एक के बाद हुई मौतों ने इस प्रोजेक्ट पर सवालिया निशान लगा दिया है। इन चीतों की मौत के लिए विभिन्न कारणों को जिम्मेदार बताया जा रहा है, पर अब एक चीता मित्र ने कूनो में हुई इन मौतों पर पड़ा पर्दा उठा दिया है। इस चीता मित्र का आरोप है कि उन चीतों की मौत के लिए पार्क प्रबंधन जिम्मेदार है। इस चीता मित्र ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि इन चीतों को एक महीने से बासी मांस खिलाया जा रहा है।
बता दें कि इस चीता मित्र का नाम रमेश सिंह सिकरवार है। सिकरवार ने कहा है कि उन्होंने कूनो में अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी है। सिकरवार के मुताबिक, बासी व सड़ा हुआ मांस खिलाने से चीतों की मौत हो गई। यदि यह स्थिति नहीं सुधरी तो और भी चीते मर जाएंगे। लेकिन यहां के डॉक्टरों को इसकी चिंता नहीं है। उन्हें केवल नकली दवा का बिल बनाकर पैसे ऐंठने में दिलचस्पी है। चीतों को एक महीने तक प्रिâज में रखा मांस खिलाया जाता है। एक चीता पार्क के २००-३०० किमी के भीतर जंगल से बाहर घूमता है, लेकिन प्रबंधन को इसकी कोई जानकारी नहीं है। सिकरवार का कहना है कि यह बहुत गंभीर मामला है और इसे सरकार को तुरंत देखना चाहिए। अब तक नौ चीतों की मौत
१७ सितंबर २०२२ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए ८ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में रिलीज किया था। इस साल १८ फरवरी को साउथ अप्रâीका से १२ और चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। इस तरह कुल २० चीते लाए गए थे। फिर यहां एक मादा चीते ने चार शावकों को जन्म दिया था। इनमें से अब तक ९ चीतों की मौत हो चुकी है।

अन्य समाचार