मुख्यपृष्ठसमाचारपंचांग में तिथि और दिन का अंतर जिउतिया मामला पहुंचा कोर्ट!

पंचांग में तिथि और दिन का अंतर जिउतिया मामला पहुंचा कोर्ट!

  • ३६ घंटे निर्जला व्रत रखने से महिलाएंं हुई थीं बीमार

बिहार में बीते दिनों महिलाओं ने अपने पुत्र की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए जिउतिया का व्रत किया था लेकिन इस बार पंचांग में तिथि और दिन के अंतर की वजह से महिलाओं को २४ घंटे की बजाय ३६ घंटे का निर्जला व्रत करना पड़ गया, ऐसे में कई महिलाएं बीमार हो गईं.अब ये मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में सभी पंचांगों के पंडित और प्रकाशक के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। मुजफ्फरपुर के लोक चेतना दल के अध्यक्ष संजीव कुमार झा ने मिथिला, बनारसी पंचांग सहित अन्य पंचांग के ऊपर परिवाद दायर किया। इस परिवाद में आरोप लगाया गया है कि पंचांगो के संपादक एवं सहयोगियों द्वारा मनमाने तरीके से तिथि का हेरफेर किया गया। परिवादी ने पूछा है कि किस नियम के आधार पर किसी पक्ष को १४ दिन का और किसी पक्ष को १६ दिन का बनाकर लोगों के बीच में भ्रम जाल फैलाया गया, जिससे जिउतिया व्रत ३६ घंटे तक महिलाओं को उपवास कराया गया, जिसके कारण अनगिनत महिलाएं बीमार हो गईं।

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