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ईडी सरकार के नए मंत्रिमंडल में ‘विभागों’ का बंटवारा लटका!

• शिंदे-फडणवीस में ‘गृह’ कलह
• १५ अगस्त के ध्वजारोहण के लिए मंत्रियों की अस्थाई नियुक्ति

सामना संवाददाता / मुंबई
शिंदे-फडणवीस की नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार हो चुका है, लेकिन इस मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा लटक गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि मंत्रियों के बीच विभागों की बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। खासकर ‘गृह’ विभाग को लेकर शिंदे-फडणवीस में मानो ठन-सी गई है। तुझे क्या, मुझे क्या? इस हिसाब-किताब पर लोचा-लपाटा शुरू होने की वजह से विभागों का बंटवारा नए मंत्रियों के शपथविधि के २ दिन बाद भी नहीं हो पाया है।
बता दें कि नए मंत्रियों को अबतक कोई खाता नहीं मिल पाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच ‘गृह’ कलह को लेकर शुरू पेच के चलते हो रहा है। यह मामला १५ अगस्त से पहले निपटने की संभावना बिल्कुल नहीं है, इसलिए स्वतंत्रता दिन के मौके पर ध्वजारोहण के लिए पालक मंत्रियों की जगह मंत्रियों को ही अस्थाई रूप से जिम्मेदारी दे दी गई है। इस बीच विभागों के बंटवारे को लेकर पेच छुड़ाने के लिए ‘ईडी’ सरकार पर दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने की एक बार फिर नौबत आ गई है।
महाराष्ट्र में बगावत कर सत्ता में आई ईडी सरकार का बहुचर्चित विस्तार लगभग ३९ दिनों के बाद किया गया। ईडी की रणनीति के अनुसार शिंदे गुट और भाजप के प्रत्येक ९ ऐसे कुल १८ मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। राजभवन में नए मंत्रियों की शपथ विधि के दौरान उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने दावा किया था कि विभागों का बंटवारा बुधवार तक होगा। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार से ४८ घंटे बाद भी विभागों के बंटवारे का मुहूर्त नहीं मिला है। बिना खातों के मंत्री घूम रहे हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच गुरुवार को हुई बैठक में भी विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब आगामी १७ अगस्त से शुरू हो रहे विधानमंडल के अधिवेशन के २ दिन पहले विभागों का बंटवारा होने की संभावना जताई जा रही है।
मलाईदार विभागों को लेकर खींच-तान
पिछली महाविकास आघाडी सरकार में शिवसेना के पास जो विभाग थे, वे सभी शिंदे गुट और कांग्रेस एनसीपी के पास जो विभाग थे, वह भाजपा के पास, ऐसा फार्मूला इस नई सरकार के गठन के समय तय हुआ था। लेकिन अब मलाईदार और वजनदार विभागों को लेकर खींचतान मची हुई है।
इन विभागों को लेकर है विवाद
मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री फडणवीस के बीच गृह विभाग को लेकर तनाव है। शिंदे अपने पास तो फडणवीस अपने पास गृह विभाग रखना चाहते हैं।
• भाजपा नेता चंद्रकांत पाटील और राधाकृष्ण विखे पाटील में खींचतान
• उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए उदय सामंत और तानाजी सावंत के बीच रस्साकशी जारी है।
• महाविकास आघाड़ी में जलापूर्ति विभाग का कामकाज देखनेवाले गुलाबराव पाटील का सहकारिता विभाग पर जोर
• मंगलप्रभात लोढ़ा की नगरविकास विभाग पर नजर है। उन्हें अन्य विभागों में कोई रस नहीं है।
• दीपक केसरकर वित्त मंत्रालय पर जोर दे रहे हैं। साथ ही सिंधुदुर्ग के पालक मंत्री का पद भी उन्हें चाहिए।

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