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डॉक्टर दे रहे प्रसाद! …माताओं को बांटी जा रही दवाइयां

• ७,००० माताओं ने लिया प्रसाद
• स्वास्थ्य रहेगा मस्त
सामना संवाददाता / ठाणे
वैसे तो हम जब गणेश उत्सव या फिर नवरात्रोत्सव के दौरान पंडालों में जाते हैं तो दर्शन के बाद प्रसाद दिया जाता है लेकिन ठाणे शहर के टेंभीनाका स्थित दुर्गेश्वरी मां के मंडप में डॉक्टर प्रसाद के रूप में माताओं को दवाइयां दे रहे हैं। डॉक्टर फोलिक एसिड, वैâल्शियम, आयरन जैसी दवाइयां देकर उनके स्वास्थ्य को बेहतर बना रहे हैं। दरअसल ठाणे मनपा द्वारा शहर में ‘माता सुरक्षित तो परिवार सुरक्षित’ अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों में कुल ७,००० माताओं के स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हें देवी माता के पंडाल में प्रसादरूपी दवाइयां भी दी गई।
बता दें कि ठाणे मनपा के माध्यम से शहर में ‘माता सुरक्षित तो परिवार सुरक्षित’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत १८ वर्ष से अधिक उम्र की माताओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। पिछले दो दिनों में मनपा की स्वास्थ्य टीम ने ठाणे मनपा की सीमा में ७,००० महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें से ३ हजार ९८७ महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच टेंभीनाका स्थित देवी के मंडप के समीप आयोजित शिविर में किया गया। इन सभी महिलाओं को ‘देवी प्रसाद’ के रूप में दस दिनों के लिए फोलिक एसिड, वैâल्शियम और आयरन जैसी दवाएं दी गर्इं। कुल १४१ महिलाओं को उनके आयु वर्ग अनुसार कम वजन का पाया गया। १०२ महिलाओं का एक्स-रे लिया गया है और उनमें से दस को आगे के इलाज के लिए कलवा अस्पताल के धर्मवीर आनंद दिघे हार्ट केयर सेंटर भेज दिया गया। मनपा प्रशासन ने बताया कि अभी कुछ महिलाओं की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है और मेमोग्राफी की रिपोर्ट भी नहीं मिली है।

देवी दर्शन के बाद ली दवाइयां
नवरात्रोत्सव के दौरान माताएं देवी मां के दर्शन को विभिन्न मंडलों में जाती हैं। मनपा द्वारा टेंभीनाका स्थित दुर्गे मां का दर्शन करने आई ३ हजार ९८७ महिलाओं को ‘देवी के प्रसाद’ के रूप में दस दिनों के लिए फोलिक एसिड, वैâल्शियम, आयरन जैसी दवाएं दी गई हैं। इनमें से ६३७ महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच के लिए पंजीकरण कराया। इसमें ४० साल से कम उम्र की ३६२ महिलाएं और ४० साल से ज्यादा उम्र की २७५ महिलाएं शामिल हैं। इनमें से ७ प्रतिशत यानी ४५ महिलाओं का वजन उनके आयु वर्ग के हिसाब से कम पाया गया है। ५७ महिलाओं का एक्स-रे किया गया और वहीं डॉक्टरों की सलाह पर ईसीजी करवाया गया। इन महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए कलवा अस्पताल के धर्मवीर आनंद दिघे हार्ट केयर सेंटर रेफर कर दिया गया है। उपायुक्त मनीष जोशी ने बताया कि १३३ महिलाओं को हीमोग्लोबिन की समस्या और २५ महिलाओं को मधुमेह की शिकायत मिली है।

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