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संत के प्रवेश पर ताज के दरवाजे बंद … योगी राज में भगवाधारी बैन!

• जगद्गुरु परमहंसाचार्य से उतरवाया रामनामी दुपट्टा
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
हिंदुत्व का ढोंग पीटने वाली भाजपा के योगी राज में भगवाधारी पर बैन लगाया जा रहा है। यूपी में संतों के प्रवेश पर ताज के दरवाजे मानो बंद हो गए है। कुछ इसी तरह का वाकया अयोध्या की तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने आगरा ताजमहल में जाने से रोकने का आरोप लगाया है। संत को लोहे का ब्रह्मदंड ले जाने से रोका गया।
शिव की पिंडी देखने पहुंचे थे संत
परमहंसाचार्य का कहना है कि वे ताजमहल में दबा शिवलिंग देखने पहुंचे थे। शाम वो अपने शिष्यों के साथ ताजमहल में प्रवेश करने लगे तो वहां मौजूद सुरक्षा जवानों ने उन्हें रोक दिया। उनके भगवा कपड़ों और लोहे के ब्रह्मदंड को लेकर आपत्ति की गई। बातचीत होने के बाद उनके टिकट ले लिए गए। उनके शिष्य ने जब उनकी फोटो खींचने का प्रयास किया तो मोबाइल छीनकर फोटो डिलीट करवा दिए गए।
भगवा पहनने पर सुरक्षाबलों ने रोका
ताजमहल में एंट्री को लेकर चल रहे बवाल के बीच प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। हिंदूवादी नेता ब्रह्मदंड और भगवा पहनकर ताजमहल में घुसने के लिए पहुंचे। हिंदूवादी नेता गोविंद पाराशर को ताजमहल में एंट्री दी गई। हालांकि उनसे राम नाम का दुपट्टा उतरवा लिया गया है। अब हिंदूवादी नेता कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
भगवा कपड़ों पर जताई आपत्ति
परमहंसाचार्य ने बताया कि अलीगढ़ के एक भक्त परिवार में एक महिला की तबीयत खराब थी, जिन्हें आशीर्वाद देने के लिए वो अलीगढ़ तक आए थे। फिर वो अपने ३ शिष्यों के साथ आगरा पहुंचे। यहां ताजमहल देखना था। उनके साथ सरकारी गनर भी मौजूद था। श्मशान घाट चौराहे से वो ताजमहल के लिए निकले थे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनका परिचय जानकर गोल्फ कार्ट में बैठाकर पश्चिमी गेट तक भेज दिया।
पुतला लेकर विरोध जताने पहुंचे हिंदूवादी
ताजमहल में परमहंस को प्रवेश न देने के बाद हिंदूवादियों ने विरोध तेज कर दिया। इसको देखते हुए आगरा में एएसआई कार्यालय पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुबह करीब ११ बजे हिंदूवादी एएसआई के विरोध में पुतला लेकर पहुंच गए। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीन लिया। हिंदू महासभा ने एएसआई के खिलाफ तहरीर दी है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
ताजमहल पर किसी भी तरह का प्रचार प्रतिबंधित है। यहां धार्मिक वेशभूषा जैसे टोपी, कुछ लिखे अंगवस्त्र और किसी भी जगह की वेशभूषा पर रोक नहीं है। इसके बावजूद कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पहले यहां रामनामी और मॉडल्स के गायत्री मंत्र लिखे दुपट्टे उतरवाने के मामले में काफी विवाद हो चुका है। पूरे प्रकरण पर पुरातत्व अधीक्षक आरके पटेल ने कहा वो अपने साथ लोहे का एक डंडा लिए थे और उसे साथ ले जाने से मना किया गया था। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें डंडा वहीं रखकर जाने को कहा था पर वो तैयार नहीं हुए।

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