मुख्यपृष्ठनए समाचारलोकतंत्र का लोप... वी-२० से डर गए जी-२० वाले!

लोकतंत्र का लोप… वी-२० से डर गए जी-२० वाले!

‘हिंदुस्थानी नेतृत्व लोगों की आवाज से भयभीत है’

पिछले कुछ महीनों से देश में जी-२० सम्मेलन की धूम मची हुई है। देश के विभिन्न शहरों में इसके अलग-अलग विषयों पर सम्मेलन हो रहे हैं। इसमें आए हुए विदेशी अतिथियों को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का दर्शन कराया जा रहा है। मगर क्या इस लोकतंत्र में सबको अपने विचारों को अभिव्यक्त करने की आजादी है? तो जवाब है कि नहीं! हाल ही में केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली की पुलिस ने आम मजदूर-किसानों के एक सम्मेलन पर रोक लगा दी। इस सम्मेलन का नाम ‘वी-२०’ है और यह दिल्ली के सुरजीत भवन में आयोजित किया जा रहा था। हैरानी की बात है कि पहले दिन तो यह सम्मेलन हो गया पर दूसरे दिन सरकार की नींद टूटी कि अरे यह क्या हो रहा है! बंद करो इसे! इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरजीत भवन दिल्ली में होने वाले ‘पीपुल्स समिट’ को रोकने के लिए गेट पर ताला लगा दिया।
दिल्ली पुलिस द्वारा सम्मेलन को रद्द करने की प्रक्रिया पर ‘मजदूर किसान शक्ति संगठन’ और राष्ट्रीय सूचना अधिकार अभियान के संस्थापक सदस्य निखिल डे ने ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘पूरी तरह से चौंकाने वाला, मनमाना और अलोकतांत्रिक नहीं, यह वास्तव में स्पष्ट रूप से निरंकुश है। स्पष्ट रूप से यह वैश्विक अभिजात वर्ग और इसका हिंदुस्थानी नेतृत्व लोगों की आवाज से भयभीत है’। निखिल डे के इस पोस्ट को जय राम रमेश ने रीट्वीट किया।
यह ‘न्यू इंडिया डेमाक्रेसी’
दिल्ली पुलिस के लगभग ३० पुलिसकर्मी सुबह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और लोगों को प्रवेश करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि आयोजकों के पास कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं थी। केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से पहले मैं सुबह १०:३० बजे प्रवेश करने में कामयाब रहा, लेकिन अब बाहर निकलने में कठिनाई हो रही थी। यह ‘न्यू इंडिया डेमाक्रेसी’ है।

एक दिन पहले भी विरोध
वी-२० सम्मेलन को एक दिन पहले भी पुलिस ने बाधित करने का प्रयास किया था, लेकिन लोगों के विरोध के बाद अंतत: इसे जारी रहने दिया। पर अगले दिन गेट पर ताला लगाकर इसे रोक दिया। वी-२० के आयोजकों को इसके आखिरी दिन नोटिस देकर कहा गया कि अनुमति नहीं है। पत्र में दिल्ली पुलिस ने कहा कि आयोजकों के अनुरोध पर ‘विचार किया गया है, लेकिन कानून एवं व्यवस्था / यातायात कारणों और सभा, आगंतुकों आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी की अनुपलब्धता के कारण, जो माननीय दिल्ली हाईकोर्ट आदेश के अनुसार आवश्यक है, कार्यक्रम की अनु​मति को अस्वीकार कर दिया गया है।’

वी-२० सम्मेलन में ७० ट्रेड यूनियन थे शामिल
यह शिखर सम्मेलन लोगों के मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा करने के इरादे से बुलाया गया था। इसमें ७० से अधिक जन आंदोलनों, ट्रेड यूनियनों और नागरिक समाज संगठन शामिल हैं। आयोजकों का दावा था कि इसमें देश भर से ५०० से अधिक अर्थशास्त्री, कार्यकर्ता, पत्रकार और राजनेता हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। शनिवार को जब वी-२० का सम्मेलन शुरू हुआ तो वक्ताओं ने जी-२० के मेजबान के रूप में हिंदुस्थान के विशाल ‘५१ करोड़ रुपए’ के आउटडोर विज्ञापन बजट पर सवाल खड़ा किए। वक्ताओं ने कहा कि शहरों को सुंदर दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर गरीबों की झुग्गी झोपड़ियों और घरों पर बुलडोजर चलाए गए और हजारों लोग बेघर हो गए।
बाजार बंद होने से व्यापारियों में आक्रोश
दिल्ली में आगामी ८ से ११ सितंबर तक जी-२० की बैठक होनी है। इस दौरान शहर के बाजारों को बंद रखा जाएगा। इस खबर के बाद व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया है।

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