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दुग्ध उत्पादक किसानों के सामने झुकी घाती सरकार … अब दूध के लिए पांच रुपए का देगी अनुदान

 मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया फैसला
सामना संवाददाता / मुंबई
दुग्ध उत्पादक किसानों के आक्रोश और जोरदार आंदोलन को देखते हुए ‘घाती’ सरकार ने एक जनवरी से सब्सिडी देने का फैसला किया था। हालांकि, समय बीतने के बावजूद इस अनुदान को लागू नहीं किया गया। ऐसे में दुग्ध उत्पादक एक बार फिर आक्रामक रुख अख्तियार करते दिखाई दिए। उनके इस रुख से भयभीत हुई ‘घाती’ सरकार ने कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दूध के लिए पांच रुपए का अनुदान देने पर सहमति जताते हुए उसे मंजूरी दे दी। इसलिए पांच रुपए की सब्सिडी से दूध उत्पादक किसानों को ३२ रुपए का भाव मिलेगा। दूध उत्पादक किसानों के लिए यह बड़ी राहत है। यदि दर ३२ रुपए तय की गई तो दुग्ध संघों को किसानों को २७ रुपए प्रति लीटर का भुगतान करना होगा।
दुग्ध उत्पादक किसानों के आंदोलन को देखते हुए राज्य के डेयरी विकास मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील ने नागपुर के शीतकालीन सत्र में घोषणा की थी कि राज्य में सहकारी दुग्ध संघों के माध्यम से एकत्र किए गए गाय के दूध पर दुग्ध उत्पादकों को पांच रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी। विखे-पाटील ने कहा था कि यह योजना राज्य में सहकारी दुग्ध उत्पादक संगठनों के माध्यम से ही लागू की जाएगी। हालांकि, घोषणा के बाद इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। इस बीच एक बार दुग्ध उत्पादक किसानों के आक्रामक रुख को देखते हुए कल हुई कैबिनेट की बैठक में पांच रुपए की सब्सिडी देने का फैसला किया गया है। राज्य में ७२ प्रतिशत दूध निजी संस्थाओं को दिया जाता है और सरकार द्वारा दी जानेवाली सब्सिडी केवल सहकारी समितियों को है। इससे अधिकांश दूध उत्पादक किसान वंचित रह जाएंगे। इसलिए किसान सभा ने मांग की थी कि सरकार सभी को सब्सिडी दे।

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