मुख्यपृष्ठटॉप समाचारयूक्रेन-रूस युद्ध का साइड इफेक्ट... अंगूर खट्टे हो गए!

यूक्रेन-रूस युद्ध का साइड इफेक्ट… अंगूर खट्टे हो गए!

• निर्यात घटने से बेहाल हुए नासिक के किसान

सामना संवाददाता / नासिक। यूक्रेन में बरसती रूसी मिसाइलों एवं बमों से सिर्फ यूक्रेनवासी बर्बाद नहीं हो रहे हैं बल्कि इसका खामियाजा किसी न किसी रूप में पूरी दुनिया भुगत रही है। प्रभावितों में नासिक के अंगूर उत्पादक किसान भी शामिल हो गए हैं। रूस-यूक्रेन के बीच करीब २५ दिनों से जारी जंग के कारण नासिक के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आम दिनों की तुलना में अंगूर का निर्यात घटने से नासिक के किसान अपनी फसल देश में औने-पोने दामों में बेचने को मजबूर हो रहे हैं। उस पर भी बड़ी मात्रा में फसल सड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
बता दें कि रूस और यूक्रेन बड़ी मात्रा में नासिक से अंगूर आयात करते हैं। नासिक से वहां हर साल करीब ३० हजार मीट्रिक टन अंगूर भेजा जाता था, जिसमें से २५ से २६ मीट्रिक टन अंगूर रूस और तीन हजार मीट्रिक टन अंगूर यूक्रेन भेजा जाता था। उस अंगूर से वहां शराब बनाई जाती है, लेकिन युद्ध की वजह से पूरा निर्यात रुक गया है। इस साल अब तक सिर्फ १५ से १६ हजार मीट्रिक टन अंगूर ही निर्यात हो पाया है। आर्थिक अड़चनों के कारण निर्यात होने वाले अंगूरों को कई महीनों तक कोल्ड स्टोरेज में रखना हर किसान के लिए संभव नहीं है। ऐसे हालातों में किसान निर्यात होनेवाले अंगूरों को भी स्थानीय बाजार में कम दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इससे नासिक के अंगूर किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।

अन्य समाचार