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गरमाए यात्री तो ठंडे पड़े अधिकारी! … बंद होगी १० एसी लोकल की सवारी

सुजीत गुप्ता / मुंबई
रेग्युलर टाइम में एसी लोकल के परिचालन को लेकर पिछले कई दिनों से रेल यात्रियों का गुस्सा उफान पर था। कलवा कारशेड सहित रेलवे स्टेशनों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यात्री संगठनों ने रेल रोको आंदोलन तक कर डाला। यात्रियों की इस गर्माहट को रेलवे ने कल भांप लिया और आनन-फानन में निर्णय लेते हुए एसी लोकल की १० सवारी को बंद कर उसकी जगह साधारण लोकल चलाने की बात कही है। जिन १० एसी लोकल सेवाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है, वो एसी लोकल १९ अगस्त से सेवा में शामिल हुई थीं। अब १० साधारण लोकल का टाइम टेबल २५ अगस्त से लागू होगा, वहीं अन्य ५६ एसी लोकल की सेवाएं जो १९ अगस्त से पहले चलती थीं, वो अपने शेड्यूल पर ही चलेंगी।

एक एसी लोकल करती है १२ सेवाओं को प्रभावित
बता दें कि एक तो एसी लोकल का किराया आम जनता की पहुंच से दूर है। महंगा किराया होने के कारण साधारण लोकल में सफर करनेवाले यात्री एसी का टिकट नहीं खरीद पा रहे हैं। किसी रूट पर यदि साधारण लोकल को हटाकर एक एसी लोकल, सेवा में शामिल की जाती है तो १० से १२ साधारण लोकल की सेवाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में उस रूट पर साधारण लोकल में सफर करनेवाले यात्रियों का सफर और समय दोनों प्रभावित होता है क्योंकि साधारण लोकल का हर कोई यात्री एसी का टिकट लेकर सफर करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में एसी लोकल के स्टेशन से छूटने के बाद अगली लोकल जो ‘साधारण’ लोकल होती है, उसमें यात्रियों की भीड़ डबल हो जाती है। कई यात्री ट्रेन में चढ़ भी नहीं पाते हैं। हालांकि यात्रियों की इस समस्या का हल कल निकल गया।

•एसी लोकल सेवाओं को लेकर हम कई दिनों से यात्रियों की परेशानी रेलवे प्रशासन को समझा रहे थे लेकिन प्रशासन समझने को तैयार नहीं था। आंदोलन उग्र होता देख रेलवे की अक्ल ठिकाने आ गई। ये यात्री संगठनों की जीत है क्योंकि एसी लोकल का किराया सामान्य यात्री के लिए किफायती नहीं है। एसी ट्रेन चले लेकिन किराया भी किफायती होना चाहिए।
नंदकुमार देशमुख (अध्यक्ष, ठाणे प्रवासी संगठन)

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