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लोकसभा चुनाव में दिखेगा मणिपुर का असर, हम भाजपा के साथ नहीं जाएंगे! शरद पवार का दृढ़ प्रतिपादन

सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से टूटकर अलग हुए अजीत पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के बीच पुणे में हुई ‘गुप्त’ मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चा बीते दो दिनों से चल रही थी। अजीत पवार के पार्टी छोड़ने के बाद हुई मुलाकात पर शरद पवार ने कल प्रतिक्रिया दी। राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि मैं पवार परिवार का अभिभावक हूं, अजीत पवार मेरे भतीजे हैं, क्या वे मुझसे मिलने भी नहीं आ सकते? ऐसा सवाल उठाते हुए शरद पवार ने पूछा कि ये वैâसी चर्चा है? उन्होंने विश्वास जताया कि २०२४ में होनेवाले आम चुनाव में मणिपुर हिंसा का प्रभाव देखने को मिलेगा। भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
दो दिन पहले पुणे में एक उद्यमी के बंगले पर शरद पवार से अजीत पवार ने मुलाकात की। प्रारंभ में इस मुलाकात को गुप्त रखा गया था। मीडिया में आई खबर के बाद पहली बार पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई गुप्त बैठक नहीं थी। वे मेरे भतीजे हैं। उनसे मुलाकात को लेकर चर्चा करना गलत है। उन्होंने विश्वास जताया कि अजीत हमसे अलग होकर भाजपा में गए हैं, लेकिन उनमें परिवर्तन हो सकता है।
‘इंडिया’ की अगली बैठक ३१ अगस्त को
इस दौरान पवार ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की अगली बैठक ३१ अगस्त को मुंबई में होगी और उस समय शुरुआती एजेंडा तैयार किया जाएगा। उस बैठक में ३०-४० नेता एक साथ आएंगे। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मैंने इस बारे में चर्चा कर यह बैठक आयोजित की है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि केंद्र की सत्ता का परिवर्तन होगा। आगामी २०२४ में भाजपा की सरकार गिरेगी और कांग्रेस के साथ पीएम पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा, इंडिया की बैठक में इस पर हल निकाला जाएगा।

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