मुख्यपृष्ठसमाचारयात्रा होगी हराम... ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर में रहेगा ट्रैफिक जाम!

यात्रा होगी हराम… ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर में रहेगा ट्रैफिक जाम!

-३७ करोड़ रुपए खर्च करने का कोई फायदा नहीं

सामना संवाददाता / ठाणे

ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। ठाणे मनपा ने ठाणे स्टेशन परिसर में कुल ३७ करोड़ रुपए खर्च कर इस समस्या को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन वो असफल रही और ट्रैफिक जाम की समस्या ज्यों की त्यों हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व में सैटिस के कार्य के कारण अगले कुछ महीनों तक आम ठाणेकरों को ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
बता दें कि ठाणे-पश्चिम के स्टेशन परिसर क्षेत्र से रोजाना ७ से ८ लाख यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। ठाणे स्टेशन का पश्चिम परिसर क्षेत्र लगभग ४३ वर्ग मीटर है। सैटिस पुल के नीचे रिक्शा और पुल पर टीएमटी, एसटी की बसों के लिए अलग-अलग लेन हैं। हालांकि, रिक्शा स्टैंड के क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों पर भी रिक्शा वालों का कब्जा है। इन रिक्शा चालकों को अनुशासित करने की जरूरत है, इसलिए किसी भी रिक्शा या निजी वाहन को लाइन छोड़कर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क पर चलाने या सैटिस के तहत किराया लेने पर रोक लगाना चाहिए, वहीं ट्रैफिक पुलिस केवल नाम की है।
३७ करोड़ रुपए हुए मटियामेट
पीक आवर में ठाणे स्टेशन सैटिस से रोजाना ८ से १० लाख यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में सुबह-शाम यहां से पैदल चलना मुश्किल हो गया था। महानगरपालिका ने लगभग ३७ करोड़ रुपए की लागत से ठाणे स्टेशन क्षेत्र में सैटिस परियोजना स्थापित की है, लेकिन मनपा इस क्षेत्र की भीड़भाड़ कम करने में सफल नहीं हो पाई है। अब मनपा के ३७ करोड़ रुपए मटियामेट होने की बात कही जा रही है।
पुल के काम से नागरिकों को हो रही परेशानी
मार्च २०१९ में ठाणे-पश्चिम की तरह पूर्व स्टेशन क्षेत्र में यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सैटिस परियोजना स्थापित करने का काम शुरू किया गया था। ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर भास्कर कॉलोनी सेवा रोड से कन्हैयानगर तक २.२४ किमी लंबा एलिवेटेड रोड है। इसमें छह मीटर ऊंचा डेक और इस पर १४ बस स्टॉप होंगे। ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर कोपरी पुल से एक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा, जो स्टेशन तक तीन किलोमीटर की सड़क है। सैटिस का कार्य शुरू होने के कारण स्थानीय नागरिकों को कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
दिसंबर २०२४ तक चलेगा कार्य
इसमें ट्रैफिक जाम की समस्या प्रमुख है। महानगरपालिका का दावा है कि पुल का लगभग ५८ फीसदी काम पूरा हो चुका है। हालांकि, यह काम कितनी भी तेजी से हो, इस सैटिस का काम पूरा होने में दिसंबर २०२४ तक का समय लगने की संभावना है।

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