मुख्यपृष्ठसमाचारजो जमीन सरकार की, वो जमीन अडानी की!

जो जमीन सरकार की, वो जमीन अडानी की!

-कांग्रेस ने बोला केंद्र पर हमला…मुंबई प्रदेशाध्यक्ष का आरोप, सारे ठेके मोदी के मित्रों को

सामना संवाददाता / मुंबई

‘जो जमीन सरकार की है, वो जमीन अडानी की है’… इस तरह धारावी से लेकर एयरपोर्ट, एयरपोर्ट कॉलोनी जैसे सभी ठेके अपने ‘मित्र’ को देने का काम वर्तमान में शुरू है, ऐसे शब्दों में कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने कल विधानसभा में केंद्र सरकार पर हमला बोला है।
मुंबई पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। वर्तमान में महानगरपालिका पर सरकार का दबाव चल रहा है। दो पालक मंत्री मनपा मुख्यालय में आकर बैठ रहे हैं। चुनाव आयोग ने मनपा आयुक्त के स्थानांतरित करने का नोटिस दिया है। मनपा आयुक्त फिलहाल सरकार के दबाव में हैं। चुनाव आयोग ने मनपा आयुक्त के तबादले का नोटिस दिया है। इस मौके पर वर्षा गायकवाड़ ने ईडी की नोटिस पाने वाले मनपा आयुक्त और मनपा अधिकारियों के तबादले की मांग की।
डेढ़ सौ करोड़ का टेंडर
मुंबई में डीप क्लीनिंग के लिए गड्ढे भरने का ठेका ‘मित्र’ को दिया गया है। इस दौरान उन्होंने पूछा कि क्या विधान परिषद में किसी के लिए टेंडर निकाला जा रहा है। पिछले नौ दिनों में डेढ़ सौ करोड़ रुपए का टेंडर निकाला गया है। मनपा में इस समय लूट शुरू है। मुंबई में बिजली की रोशनी पर सत्रह सौ करोड़ रुपए खर्च किए गए। चीन की ये लाइटें कितनी जगहों पर शुरू हैं, ऐसा सवाल उन्होंने किया।
धारावीकरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है
वर्षा गायकवाड़ ने धारावी पुनर्विकास के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला। धारावीकरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है। धारावीकरों को रेलवे की जमीन पर स्थानांतरित किया जा रहा है लेकिन धारावीकरों को रेलवे की जगह का मालिकाना अधिकार नहीं मिलेगा। इस जमीन का मालिकाना हक देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मांग की कि धारावीकरों को धारावी में ही घर मिलना चाहिए।
सत्ताधारी अस्वस्थ
मोदी और राज्य सरकार पर हमले से सत्ताधारी भाजपा के सदस्य बिफर पड़े। उन्होंने बार-बार औचित्य का मुद्दा उठाकर वर्षा गायकवाड़ के भाषण में बाधा डालने की कोशिश की। इस पर वर्षा गायकवाड ने कहा कि सदन में विरोधियों को बोलने और अपनी राय व्यक्त करने की इजाजत नहीं है।

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