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गद्दारी की भाषा कदम के मुंह से हास्‍यास्‍पद! … गजानन कीर्तिकर का तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
दिवाली से पहले ही शिंदे गुट में पटाखे फूटने शुरू हो गए हैं। सांसद गजानन कीर्तिकर और रामदास कदम, दोनों शिवसेना को छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। मुंबई में उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र की उम्मीदवारी को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा में दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी है। गद्दार रामदास कदम ने संदेह जताया कि दूसरे गद्दार गजानन कीर्तिकर शिंदे गुट से गद्दारी कर रहे हैं। इसका जवाब अब गजानन कीर्तिकर ने दिया है।
१९९० में जब मैं मालाड विधानसभा से चुनाव लड़ रहा था, उस समय रामदास कदम खेड़ से चुनाव लड़ रहे थे। मेरे मालाड विधानसभा क्षेत्र और कांदिवली के सभी शिवसेना कार्यकर्ताओं को गांव ले गए थे और मुझे गिराने की अथक कोशिश की थी, ऐसा सनसनीखेज खुलासा गजानन कीर्तिकर ने किया। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ‘खेड़-भरणा नाका से भोर-पुणे शरद पवार की गाड़ी में बैठकर रामदास कदम राष्‍ट्रवादी में प्रवेश करने के संदर्भ में सविस्तार चर्चा कर रहे थे। इस बात को वे न भूलें और खेड़ के शिवसैनिक भी इस बात को नहीं भूले है। इतना ही नहीं कांदिवली-पूर्व मनपा चुनाव में रामदास कदम के सगे भाई सदानंद कदम शिवसेना से चुनाव लड़ रहे थे। सदानंद कदम चुनकर न आएं, इसके लिए रामदास कदम कार्यकर्ताओं को दमबाजी कर रहे थे, ऐसा भी कीर्तिकर ने कहा।
इसी प्रकार अनंत गीते २०१४ में लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। उनको चुनाव में हराने के लिए रामदास कदम ने भरपूर मेहनत की थी, परंतु कोकण के निष्‍ठावान शिवसैनिक गीते के साथ खड़े थे, इसके कारण गीते प्रचंड मतों से विजयी हुए, ऐसा भी उन्होंने कहा।

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