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गिर रहा शिक्षा का स्तर … जाग नहीं रही घाती सरकार! 

 जिप स्कूलों में है अध्यापकों की कमी
 शिक्षक भर्ती के लिए आए १.६५ लाख आवेदन
सामना संवाददाता / मुंबई  
राज्य के जिला परिषद स्कूलों में हर साल विद्यार्थियों की संख्या घटती जा रही है। छह साल पहले जिप के स्कूलों में जहां पहली कक्षा में २५ लाख विद्यार्थी पढ़ते थे, वहीं अब उनकी संख्या घटकर १९ लाख तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं, २०१७-१८ की तुलना में मौजूदा समय में छह हजार शिक्षक भी कम हुए हैं। इस तरह कुल मिलाकर घाती सरकार के राज में शिक्षा का स्तर बड़ी तेजी से गिरा है। इसके बावजूद भी यह सरकार जाग नहीं रही है। दूसरी तरफ शिक्षक भर्ती के लिए १.६५ लाख आवेदन आए हैं। इसमें १५ जिलों की लिस्ट को फाइनल किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पैâसला किया है कि अब आगे से सेवानिवृत्ति होने तक शिक्षक को एक ही स्थान पर तैनात किया जाएगा।
राज्य में जिला परिषदों के ६४ हजार स्कूल हैं, जिन स्कूलों में ६८ लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालांकि, बीते कुछ सालों में अभिभावकों में अंग्रेजी माध्यम के प्रति रुझान बढ़ गया है, लेकिन राज्य सरकार इस पर ध्यान देते हुए स्कूलों में खासा बदलाव करने के मुड में नहीं दिखाई दे रही है। दूसरी ओर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करनेवाले जिला परिषद स्कूलों में भी शिक्षकों की संख्या भी कम है। इस साल शिक्षकों की सीधी भर्ती की जा रही है। इस बीच अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों ने विद्यार्थियों को लाने और ले जाने के लिए स्कूल बसों की व्यवस्था की है। इसके विपरीत दूर-दराज से आनेवाले विद्यार्थियों के लिए जिला परिषद स्कूलों में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। इन सभी असुविधाओं को देखते हुए अब अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला अंग्रेजी और सेमी अंग्रेजी स्कूलों में करा रहे हैं, ताकि उनके बच्चे प्रतिस्पर्धा के युग में टिक सकें। इसलिए राज्य में जिला परिषदों के १४,७८३ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण यहां `क्लस्टर स्कूल पैटर्न’ लागू किया जाएगा।
जिला परिषद स्कूलों में भी सेमी इंग्लिश
फिलहाल, राज्य में १४,७८३ स्कूलों में एक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या २० से भी कम है। ऐसे स्कूलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस पृष्ठभूमि में वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग अब जिला परिषदों के स्कूलों में भी सेमी-अंग्रेजी की शिक्षा शुरू करने की योजना बना रहा है।
जिला परिषद शिक्षक भर्ती
की वर्तमान स्थिति
संभावित शिक्षक भर्ती –  २३ हजार
अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन – १.६५ लाख
स्व-प्रमाणित उम्मीदवार – १.५६ लाख
शिक्षकों का नहीं होगा अंतर जिला तबादला
जिला परिषद स्कूलों में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण यानी एक जिले से दूसरे जिले में बदली की प्रक्रिया ग्रामीण विकास विभाग द्वारा की जाती है। हालांकि, इस साल इस ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में कई जिला परिषदों को उतने शिक्षक नहीं मिले, जितने उनके पास थे। विद्यार्थियों की संख्या में कमी को भी मुख्य कारण माना जा रहा है इसलिए जून महीने में सरकार के पैâसले के मुताबिक, अब नवनियुक्त शिक्षकों का अंतर जिला तबादला नहीं किया जाएगा। उन्हें सेवानिवृत्ति तक उसी स्कूल या जिले में काम करना होगा, जहां उनकी नियुक्ति हुई है।

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