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छत्रपति संभाजी महाराज का भव्य, सुंदर और आकर्षक हो स्मारक!… शिखर समिति की बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आदेश

सामना संवाददाता / मुंबई । छत्रपति संभाजी महाराज हमारे दिलों में हैं। उनका स्मारक आकर्षक और भव्य होना चाहिए। संभाजी महाराज का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हुए एक शानदार, सुंदर, आकर्षक और मनमोहक स्मारक होना चाहिए, ऐसा आदेश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल दिया।
स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज का शिरूर तालुका के वढू व हवेली तालुका के तुलापुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्मारक प्रस्तावित किया गया है। इस संबंध में शिखर समिति की बैठक कल ‘वर्षा’ निवास स्थान पर संपन्न हुई। स्मारक को लेकर तैयार प्रस्ताव कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में बनी शिखर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्मारक की अलग-अलग अवधारणाएं पेश कीं और इसे तीन स्वरूप में साकार किए जाने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, गृह मंत्री दिलीप वलसे-पाटील, राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात, लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण, सांस्कृतिक मामलों के मंत्री अमित देशमुख, विधायक अशोक पवार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सीताराम कुंटे, अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सोनिक, योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गदरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे आदि उपस्थित थे।
ऐसा होगा स्मारक…
भीमा, भामा और इंद्रायणी नदियों के संगम पर यह स्मारक बनेगा, इसके लिए बजट में प्रावधान भी किया गया था। तुलापुर में आठ एकड़ और वढू (बु) में लगभग चार एकड़ क्षेत्र में स्मारक परिसर स्थापित किया जाएगा। शिखर समिति को प्रस्तुत प्रस्ताव में भव्य शिल्प, एम्फीथिएटर, प्रवेश द्वार, भवन निर्माण, घाट निर्माण, संग्रहालय, सभागृह, लाइट एंड साउंड शो, अंडरवाटर इंप्रâास्ट्रक्चर वाटर टैंक, विद्युतीकरण, सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फायरफाइटिंग सिस्टम, रिटेनिंग वॉल आदि शामिल है। इसके साथ मौजूदा समाधि का जीर्णोद्धार आदि काम भी प्रस्तावित है। इस संबंध में पुणे के जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने प्रस्तुतिकरण दिया।

‘शाश्वत विकास है सरकार की प्राथमिकता!’
राज्य में पिछले ढाई वर्षों में १७५०.६३ वर्ग किमी के २३ नए वन क्षेत्र, ६४७.१२९४ वर्ग किमी के ५ नए अभयारण्यों एवं ८५.८९ हेक्टेयर के ४ जैव विविधता विरासत स्थलों का निर्माण हरित महाराष्ट्र की ध्येयवादी यात्रा को दर्शाता है, इसके माध्यम से राज्य का संरक्षित वन क्षेत्र बढ़ रहा है और वन्य जीवों का भ्रमण मार्ग भी सुरक्षित होता हुआ दिखाई दे रहा है। सरकार ने हमेशा पर्यावरण के अनुकूल विकास को प्राथमिकता दी है और यही शाश्वत विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है, ऐसा पुनरुच्चार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया।

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