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नई सरकार ने मंत्रालय में संत गाडगे बाबा का १० सूत्रीय बोर्ड हटाया …तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आदेश पर लगा था गाडगे बाबा का १० सूत्रीय बोर्ड

सामना संवाददाता / मुंबई
तीर्थ पर पत्थर है, देव तो लोगों में है। ऐसा विचार रखनेवाले और गरीब दुखिया, अनाथ, दिव्यांग लोगों की सेवा करनेवाले संत गाडगे बाबा ने समाज में जनसेवा का एक उत्तम संदेश दिया है। उनसे प्रेरणा लेकर लोग समाज में काम कर रहे हैं। लेकिन नकद लेकर राज्य में सत्ता स्थापन करनेवाली राज्य की नई सरकार ने संत गाडगे बाबा की शिक्षा को समझा ही नहीं और मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लगाया गया संत गाडगे बाबा का १० सूत्रीय बोर्ड को हटा दिया गया है। यह लोगों को आश्चर्यचकित करनेवाली घटना है। संत गाडगे बाबा के आदर्शों को सामने रखकर महाविकास आघाड़ी सरकार के काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर संत गाडगे बाबा का १० सूत्रीय बोर्ड लगाया था। संत गाडगे बाबा की तस्वीर सहित १० सूत्रीय इस बोर्ड को ३ साल पहले उद्धव ठाकरे ने लगाया था। यह मंत्रालय में आने-जानेवालों को प्रेरणा देता था। लेकिन नई सरकार ने महा विकास आघाड़ी सरकार के हटते ही संत गाडगे बाबा के विचार को मंत्रालय के प्रवेशद्वार से हटा दिया।
क्या हैं गाडगे बाबा के १० सूत्र
गरीब को खाना, प्यासे को पानी, नंगे को कपड़ा, गरीब लड़कियों को शिक्षा के लिए मदद, बेघरों को घर, अंधे-लंगड़े बीमार को उपचार, बेरोजगारों को रोजगार, पशु-पक्षी और प्राणियों को जीवनदान, गरीब युवा-युवती की शादी और निराश को हिम्मत।

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