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मुंबई आने वाले बिहारी मजदूरों की संख्या हुई कम! … बिहार के उद्योग मंत्री का दावा

सामना संवाददाता / मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रोजगार के सिलसिले में आने वाले बिहार के लोगों की संख्या में भारी कमी आई है और १५ लाख से अधिक लोगों ने बिहार में ही रहकर रोजगार करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। मुंबई में शुरू इनवेस्टर समिट में शामिल होने आए बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने यह दावा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कामकाज के लिए बिहार से पहले काफी लोग मुंबई आते थे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान बिहार के कामकाजी मजदूर मुंबई से अपने घर-गांव लौट गए। महामारी खत्म होने के बाद जितने लोग बिहार लौटे थे, उतनी ही संख्या में लोगों के वापस मुंबई जाने का सिलसिला कम हो गया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने रोजगार के लिए जो पोर्टल लॉन्च किया है, उसमें अब तक १५ लाख २९ हजार लोगों ने खुद को विभिन्न रोजगारों के लिए रजिस्टर किया है और उनकी उम्र ३५ वर्ष से कम है। महासेठ ने आगे कहा कि बिहार वापस लौटे कामकाजी लोग अब वापस अपना घर छोड़ कर नहीं जाना चाहते हैं और उन्होंने बिहार में ही अपना रोजगार शुरू कर दिया है। वे राज्य में ही रहकर रोजगार करना चाहते हैं और दूसरों के लिए रोजगार का सृजन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने अपने राज्य के प्रवासी मजदूरों के लिए बिहार में ही ४०,००० लघु उद्योगों के नए प्रस्ताव आए हैं, ताकि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया जा सके। बिहार के उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने बताया कि मुंबई इन्वेस्टर समिट में ४० से ज्यादा निवेशकों ने बिहार में निवेश में दिलचस्पी दिखाई है जिनमें अरिस्टो, एल्केम, गोदरेज, कामत सहित कई उद्योग समूहों का समावेश है। उन्होंने १३ एवं १४ दिसंबर को राज्य में आयोजित होने वाले ग्लोबल इवेंट समिट के लिए कई कंपनियों को आमंत्रित किया है।

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