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बढ़ रही है सेक्स चेंज करवाने वालों की संख्या,  अब युवक बनेगा युवती! … प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं चार लोग

सामना संवाददाता / मुंबई
इस अत्याधुनिक युग में चिकित्सा जगत में आई क्रांति के कारण अब लिंग परिवर्तन सर्जरी कराना आसान तो हो गया है, लेकिन निजी अस्पतालों में यह बहुत खर्चीला है, जिसे कई लोग वहन नहीं कर पाते हैं। हालांकि, अब मुंबई के सरकारी अस्पताल सेंट जॉर्ज में यह सर्जरी बहुत ही कम लागत में हो रही है। इसी के तहत एक ३० साल के युवक की सर्जरी अगले महीने होने जा रही है। यह पुरुष अगले महीने में महिला हो जाएगा। इसी तरह इस अस्पताल में तीन लोग प्रतीक्षा सूची में हैं, जिनकी भी क्रमबद्ध तरीके से सर्जरी की जाएगी। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सेक्स चेंज करने वालों की संख्या बढ़ रही है।
सरकारी अस्पताल में कीमत कम
बताया जाता है कि निजी अस्पतालों में इस सर्जरी का खर्च ८ से १० लाख रुपए आता है। लेकिन सरकारी अस्पताल में यह सर्जरी कम कीमत पर की जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, लिंग परिवर्तन सर्जरी तुरंत नहीं की जाती है। इसके लिए जो लिंग परिवर्तन कराना चाहते हैं, उन्हें दो मनोचिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया जाता है। मनोचिकित्सक द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद, जो पुरुष महिला बनना चाहता है, उसे महिलाओं के कपड़े पहनने और कुछ दिनों के लिए उसी कपड़े में रहने के लिए कहा जाता है। इसी तरह जो महिला पुरुष बनना चाहती है, उसे भी पुरुषों के कपड़े पहनने के लिए कहा जाता है। एक निश्चित चरण के बाद इच्छुकों को हार्मोन थेरेपी के लिए एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के पास भेजा जाता है। कभी-कभी पुरुषों में स्तन की सर्जरी करनी पड़ती है, अन्यथा हार्मोन थेरेपी पुरुषों में भी महिलाओं जैसी छाती बना सकती है। लेकिन जो महिलाएं पुरुष बनना चाहती हैं, उनके स्तन हटा दिए जाते हैं। मेडिकल भाषा में इसे मास्टेक्टॉमी कहा जाता है।
इस तरह की जाती है सर्जरी
अंतिम सर्जरी लिंग परिवर्तन से संबंधित है। कभी-कभी प्लास्टिक सर्जन और यूरोलॉजिस्ट एक साथ या अलग-अलग सर्जरी करते हैं। इसमें जो पुरुष महिला बनना चाहता है, उसके निजी अंगों को हटाकर कृत्रिम महिलाओं का निजी अंग बनाने के लिए सर्जरी किया जाता है। दूसरी तरफ जो महिला पुरुष बनना चाहती है, उसका गर्भाशय निकाल दिया जाता है और कृत्रिम पुरुष निजी अंग बनाया जाता है।

कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद मिलती है अनुमति
सेंट जॉर्ज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सागर गुंडेवार का कहना है कि लिंग परिवर्तन सर्जरी में विभिन्न चरणों से गुजरना शामिल है। अंतिम सर्जिकल प्रक्रिया से पहले कम से कम डेढ़ से दो साल का समय बीत जाता है। उन सभी चरणों को पार करने के बाद ही अस्पताल प्रशासन से अनुमति मिलने पर लिंग परिवर्तन सर्जरी संभव होती है।

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