" /> अधिकारी की खतरे में थी जान तो बदल दिया परिणाम!…. नंदीग्राम चुनाव परिणाम पर ममता बनर्जी का आरोप

अधिकारी की खतरे में थी जान तो बदल दिया परिणाम!…. नंदीग्राम चुनाव परिणाम पर ममता बनर्जी का आरोप

 ४ घंटे क्यों डाउन था सर्वर?
 राज्यपाल भी दे चुके थे बधाई
 तो भाजपा ५० सीटें ही पाती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को जोरदार धूल चटाया लेकिन वो अपनी सीट नंदीग्राम पर शुभेंदु अधिकारी से हार गर्इं। इसके बाद ममता ने सोमवार को आरोप लगाया कि नंदीग्राम के निर्वाचन अधिकारी को जान का खतरा था इसलिए उन्होंने फिर से मतगणना के आदेश नहीं दिए और परिणाम बदल दिया।
दीदी ने कहा कि नंदीग्राम चुनाव परिणाम को वह अदालत में चुनौती देंगी। उन्होंने नंदीग्राम के निर्वाचन अधिकारी द्वारा सीईओ कार्यालय को भेजे एक कथित एसएमएस को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि अधिकारी ने आशंका जताई थी कि अगर वो फिर से मतगणना के आदेश देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और आत्महत्या तक करनी पड़ सकती है। उन्होंने सवाल किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा औपचारिक रूप से घोषणा करने के बाद नंदीग्राम के परिणाम कैसे पलट सकता है?
उन्होंने कहा कि सर्वर चार घंटे तक डाउन क्यों था? यहां तक कि गवर्नर ने भी मुझे बधाई दी थी। इसके बाद अचानक ही हर चीज बदल गई। हम जनादेश स्वीकार करना चाहते थे लेकिन अगर एक स्थान के परिणाम में गड़बड़ी है तो हमें सच्चाई का पता लगाना चाहिए। बनर्जी ने कुछ स्थानों से हिंसा की खबरों के बीच अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी के उकसावे में नहीं आएं। उन्होंने आरोप लगाए कि केंद्रीय बलों ने चुनावों के दौरान टीएमसी समर्थकों पर काफी अत्याचार किए। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर प्रहार करते हुए दावा किया कि अगर निर्वाचन आयोग ने सहयोग नहीं किया होता तो भाजपा ५० का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाती।