मुख्यपृष्ठनए समाचारजम्मू की जनता को `इंडिया' से उम्मीदें -साहनी

जम्मू की जनता को `इंडिया’ से उम्मीदें -साहनी

सामना संवाददाता / जम्मू
जम्मू-कश्मीर में धारा ३७० निरस्तीकरण एवं राज्य का दर्जा छीने जाने के चार साल‌ बीत जाने के बाद भी केंद्र की मोदी सरकार राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाली, राज्य का दर्जा लौटाने समेत कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित घाटी वापसी को लेकर नाकामयाब साबित हुई हैंै। माननीय उच्च न्यायालय ने भी केंद्र पर सवाल‌ दागे। प्रदेश की जनता अब `इंडिया’ गठबंधन से उम्मीदें संजोए हैं। ऐसा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जम्मू-कश्मीर इकाईप्रमुख मनीष साहनी का कहना है।‌
शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई ने पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे से ३१ अगस्त को मुंबई में होने जा रही `इंडिया’ गठबंधन की तीसरी बैठक में भारत का अभिन्न अंग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालातों को चर्चा का हिस्सा बनाने एवं प्रदेश के जमीनी हालातों की जानकारी लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के एिल भेजने की अपील की है।‌ साहनी ने कहा कि सन २०१८ में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार गिरने के बाद से जनता पर राज्यपाल और उपराज्यपाल शासन थोपा गया है।‌ प्रदेश में भाजपा नेताओं के पक्ष में महौल नहीं बन‌ पाने से निकट भविष्य में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाली संभव दिखाई नहीं दे रही।‌ ३५ वर्षों से कश्मीर आंतकवाद की ज्वाला में जल रहा है और अब जम्मू संभाग भी इससे अछूता नहीं है।‌ साढ़े तीन दशकों से कश्मीरी पंडित घाटी में सुरक्षित वापसी की राह देख रहे हैं।

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