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पुलिस के हत्थे चढ़े पर्यटन नगरी के लुटेरे … खुला अपहरण और रेप का राज!

•  रेलवे स्टेशन से किया था किशोरी को अगवा
• दो बच्चों को भी बनाया था बंधक

तहकीकात
जितेंद्र मल्लाह
शहर की भीड़ और रोजमर्रा की भागदौड़ से थके-हारे मुंबई व आसपास के निवासियों के बीच लोनावला एक सस्ते और सुलभ पर्यटनस्थल के रूप में लोकप्रिय है। लेकिन अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी पर्यटकों की भीड़ का लाभ उठाने में पीछे नहीं रहते हैं। इस क्षेत्र में सक्रिय पर्यटकों को लूटनेवाले एक गिरोह के कुछ गुर्गों को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में अपहरण और रेप (पोक्सो) के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस को मिली गुप्त सूचना
लोनावला के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सत्यसाई कार्तिक को खबर मिली थी कि लोनावला के क्रांतीनगर के रहनेवाले कुछ लोग हनुमान टेकड़ी (पहाड़ी) पर सैर के लिए आनेवाले पर्यटकों से मारपीट करते हैं और उनका मोबाइल फोन व कीमती सामान लूट लेते हैं। उक्त जानकारी के बाद पुलिस ने १७ सितंबर को ज्ञानेश्वर रामभाऊ लोकरे और राज शिंदे सहित दो दिव्यांग बच्चों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने अपने साथियों की मदद से सहारा ब्रीज के पास घूम रहे पर्यटकों पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला किया था तथा उनके कपड़े, मोबाईल व नकदी लूट लिए थे। उस वारदात में पर्यटकों से लूटा गया मोटारोला कंपनी का मोबाइल फोन पुलिस को राज शिंदे के पास से मिला था। आरोपियों ने बताया कि इसी तरह २३ जनवरी २०२३ को उन्होंने लोनावला ब्रिज के पास भी कुछ पर्यटकों से लूटपाट की थी। लूट के उक्त दोनों मामलों में पीड़ितों ने लोनावला शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस को पता चला कि इन अपराधों को तीन महिला, पांच पुरुष और दो दिव्यांग बच्चों का गिरोह मिलकर अंजाम देता था।

किशोरी को किया अगवा
पुलिस तब हैरान रह गई कि उक्त गिरोह ने एक किशोरी सहित दो बच्चों को अगवा भी किया था। ये लोग किशोरी सहित बच्चों से घर में काम करवाते थे तथा उनका यौन शोषण भी करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ९ सितंबर को उन्होंने लोनावला स्टेशन के पास भटक कर पहुंची किशोरी को चाकू का डर दिखाकर अगवा कर लिया था। आरोपियों ने उसके पास से मोबाईल फोन और पैसे छीन लिए थे तथा उसे अपने घर में बंद करके रखते थे। उन्होंने पीड़िता से कई बार कुकर्म करने की बात बी पुलिस को बताई। पुलिस जब पुष्टि के लिए आरोपियों के घर पहुंची तो वहां दो और बच्चे जंजीरों में बंधे मिले। आरोपियों ने उन्हें भी लोनावला स्टेशन के बाहर से ही अगवा किया था। पुलिस ने पीड़ित किशोरी से मिली जानकारी के आधार पर उसके परिजनों का पता लगाया पिडीता की मां की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

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