" /> मारा गया पुलवामा का पापी!

मारा गया पुलवामा का पापी!

 मसूद अजहर का रिश्तेदार था लंबू
 आईईडी विस्फोटक का था विशेषज्ञ

लंबे अरसे के बाद सुरक्षाबलों ने पुलवामा हमले के पापी अर्थात मुख्य दोषी लंबू उर्फ अदनान भाई को मार डाला है। वह पाकिस्तानी नागरिक और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का करीबी रिश्तेदार भी था। अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा के डाचीगाम में नामीबियान और मरसर इलाके के बीच पड़नेवाले जंगलों में शनिवार को सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए गए दो आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद का कुख्यात पाकिस्तानी आतंकवादी अदनान भाई उर्फ लंबू भाई भी शामिल है। हालांकि दूसरे आतंकी की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने लंबू के मारे जाने की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी बताया है। मुठभेड़स्थल से एक एके-४७, एक एम-४ राइफल समेत अन्य गोला-बारूद बरामद हुआ है।
वर्षों से था अंडरग्राउंड
दरअसल पाकिस्तानी आतंकी लंबू सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ था। आईईडी बनाने में विशेषज्ञ माना जानेवाला आतंकी लंबू भाई को पुलिस कई सालों से ढूंढ रही थी। लंबू को सुरक्षाबलों ने गत वर्ष नवंबर मेंं भी घेरा था परंतु रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वह मुठभेड़स्थल से फरार हो गया था। पुलवामा हमले के बाद से ही जैश-ए-मोहम्मद के आईईडी विशेष माने जानेवाले तीन आतंकी सुरक्षाबलों के निशाने पर थे। दो आईईडी विशेष डॉ. सैफुला, वाहिद भाई को सुरक्षाबलों ने गत वर्ष जुलाई और नवंबर में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था परंतु लंबू भाई मुठभेड़ से बच निकलने के बाद अंडरग्राउंड हो गया था।
कई साजिशों में था शामिल
लंबू मसूद अजहर के परिवार से था। वह लेथपोरा पुलवामा हमले की साजिश और योजना में शामिल था। फिदायीन हमले के दिन तक वह आदिल डार के साथ रहा, आदिल डार के वायरल वीडियो में उसकी भी आवाज थी। दूसरे आतंकी की पहचान की जा रही है। खुफिया एजेंसियों को खबर मिली थी कि पुलवामा के त्राल के नागबेरान तारसर के जंगल में आतंकी छिपे हैं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया। आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो आतंकियों को मार गिराया है।
२४ जुलाई को शुरू हुआ था ऑपरेशन
यह ऑपरेशन २४ जुलाई को तड़के शुरू हुआ। मिले इनपुट के आधार पर तुरंत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना की १३ और १४ आरआर व सीआरपीएफ के साथ मिलकर एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
४० जवान हुए थे शहीद
आतंकी अदनान पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन में रऊफ अजहर, मौलाना मसूद अजहर और अम्मार का एक मजबूत सहयोगी था। बताया जा रहा है कि वह वाहन से चलने वाले आईईडी का विशेषज्ञ था, जिसका अफगानिस्तान में नियमित रूप से उपयोग किया जाता है और २०१९ के पुलवामा हमले में भी इसी का उपयोग किया गया था, जिसमें हिंदुस्थान के करीब ४० जवान शहीद हो गए थे।