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‘भगत सिंह फैन क्लब’ से शुरू हुई गदर की कहानी!… ‘संसद कांड’ की एक साल से जारी थी प्लानिंग

बजट सत्र की रेकी से पता चली थी जूतों की कमजोरी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

संसद पर हुए हमले की २२ वीं बरसी पर गत बुधवार को कुछ सिरफिरों ने फिर से ‘गदर’ मचाने की कोशिश की थी। अब मामले की जांच में कुछ चौंकानेवाली जानकारी सामने आई है। पता चला है कि इस कहानी की शुरुआत फेसबुक पर बने ‘भगत सिंह फैन क्लब’ से शुरू हुई थी। इस फैन क्लब से ही सभी प्रदर्शनकारी जुड़े थे और पिछले एक साल से कुछ इस तरह का करने की प्लानिंग बन रही थी।
बता दें कि लोकसभा में गदर मचाने वाले सागर शर्मा और मनोरंजन डी के साथ संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे अमोल और नीलम से प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पता चला है कि देश की संसद में घुसकर कथित क्रांति करने की साजिश एक साल से चल रही थी। अब तक की पूछताछ के आधार पर जो कहानी बनती है, वो ये है कि गिरफ्तार चार लोगों में से एक ने कथित तौर पर दो बार संसद की रेकी की थी। पहली बार मानसून सत्र के दौरान और दूसरी बार हाल ही में १८ सितंबर को संसद के विशेष सत्र के दौरान, जब नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था। उसे तभी पता चला था कि जांच में जूते नहीं खुलवाए जाते हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह और उसके साथी फेसबुक पर बने ‘भगत सिंह फैन क्लब’ से जुड़े थे।
३४ साल का मनोरंजन डी कर्नाटक का रहने वाला है और उसने जुलाई-अगस्त में एक विजिटर पास पर लोकसभा का दौरा किया था। लखनऊ निवासी अपने साथी सागर शर्मा के साथ वह लोकसभा में तभी दबोच लिया गया जब दोनों गैलरी में कूद गए और लाल-पीले रंग का धुआं छोड़ने वाले गैस वैâनिस्टर खोल दिए। गिरफ्तार किए गए अन्य दो लोगों में एक हरियाणा की नीलम कौर उर्फ नीलम आजाद ३७ वर्ष की है, जबकि २२ वर्षीय अमोल शिंदे महाराष्ट्र का रहने वाला है। नीलम २०२० में नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में खूब सक्रिय भूमिका निभाई थी। इन सबका हैंडलर ललित झा बिहार का रहने वाला है। उसने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल में खुद को टीचर बताया है। वहीं इस समूह का एक और बंदा विक्रम उर्फ विक्की गुरुग्राम का निवासी है। इनके बीच फोन पर हुई बातचीत (कॉल डिटेल) के विश्लेषण और उनकी शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि आरोपी लगभग एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और कुछ महीने पहले मैसूर में भी मिले थे। आरोपियों में से कम से कम एक ने बजट सत्र के दौरान संसद भवन में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। सूत्रों ने बताया कि तब उन्हें पता चला कि सुरक्षाकर्मी आगंतुकों से उनके जूते उतारने या उनकी जांच नहीं करते हैं।
जब प्लानिंग को अंजाम देने का फैसला हुआ तो सभी ने एक जगह जुटने की ठानी। तय हुआ कि विक्की के घर पर मिला जाए। सागर शर्मा १० दिसंबर को लखनऊ से दिल्ली पहुंचा और महाराष्ट्र के अमोल शिंदे और हिसार से नीलम कौर भी आए। वो सभी एक मेट्रो स्टेशन पर मिले और अपने सहयोगी विशाल शर्मा उर्फ विक्रम उर्फ विक्की के गुरुग्राम स्थित घर गए। विक्की ऑटो रिक्शा चलाता था। नई दिल्ली के एक अधिकारी ने बताया कि उनके साथ मनोरंजन डी शामिल हुआ, जिसने दिल्ली के लिए उड़ान भरी और मुख्य साजिशकर्ता ललित सुबह के समय शामिल हुआ। वो सभी सोमवार को दिल्ली आए। सागर ने बुधवार सुबह सांसद प्रताप सिम्हा के सचिव से पास लिए, कुछ भारतीय झंडे खरीदे और इंडिया गेट पर अन्य लोगों से मिला। अमोल ने प्रत्येक सदस्य को एक स्मोक वैâनिस्टर दिया। दोपहर १२ बजे दो लोग संसद के अंदर गए, जबकि तीन को बाहर विरोध प्रदर्शन करना था।

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