मुख्यपृष्ठनए समाचारपराली ने किया पस्त, पंजाब के किसान हैं कि मानते नहीं...

पराली ने किया पस्त, पंजाब के किसान हैं कि मानते नहीं…

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पराली जलाने की घटना में कोई कमी नहीं देखी गई बल्कि उल्टा मामलों में वृद्धि हो रही है। इस घटना से हरियाणा, दिल्ली और यहां तक कि पंजाब के कुछ हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन स्थानों पर प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बेहद खराब एक्यूआई के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन आदि जैसी कई समस्याएं हो रही हैं। बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को पराली न जलाने के लिए सख्त आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद हर रोज १,००० से ऊपर पराली जलाने के केस दर्ज किए जा रहे हैं। बुधवार को ही पंजाब में पराली जलाने के २,५४४ ताजा मामले दर्ज किए गए, वहीं गुरुवार को हजार से ऊपर मामले दर्ज किए गए तथा शुक्रवार को १,१५० मामले सामने आए। जानकारी के अनुसार, १५ सितंबर से १७ नवंबर तक कुल ३३,०८२ पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। लगातार पराली जलाने के मामले जिस प्रकार बढ़ रहे हैं ये लोगों के लिए और चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस और सरकार पराली जलाने की घटनाओं को रोक क्यों नहीं पा रही है? हाल ही में पराली जलाने की ताजा वीडियो भी मीडिया में आया है। बढ़ती पराली जलाने की घटना पर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने ११ जिलों बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर, लुधियाना, मोगा, मुक्तसर, संगरूर, जगराओं और खन्ना के एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं, पंजाब के चीफ सेक्रेटरी ने भी ९ जिलों के डीसी के लिए कारण बताओ का नोटिस जारी किया था। ये वो जिले हैं, जहां पराली जलाने पर सख्ती होने पर भी मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पराली जलाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पंजाब पुलिस ने गांवों के सरपंचों को अपने-अपने गांव में पराली के जलने की सूचना देने के निर्देश दिए हैंै, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ है।

अन्य समाचार