मुख्यपृष्ठनए समाचारयेऊर के सात बंगलों पर लटकी कार्रवाई की तलवार! ... १४ सितंबर तक...

येऊर के सात बंगलों पर लटकी कार्रवाई की तलवार! … १४ सितंबर तक प्रस्तुत करें कार्यवाही रिपोर्ट

• लोकायुक्त ने मनपा प्रशासन को दिया आदेश

सामना संवाददाता / ठाणे
ठाणे शहर से जुड़े येऊर स्थित वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए सात बंगलों को बख्शा नहीं जाएगा। लोकायुक्त के समक्ष हुई सुनवाई में मनपा प्रशासन को कुछ अहम आदेश दिए गए हैं। साथ ही लोकायुक्त ने यह स्पष्ट किया है कि सात बंगले में किया गया कार्य अनधिकृत है। लोकायुक्त ने अवैध बंगलों के निर्माण में शामिल मनपा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और कार्यवाही की रिपोर्ट १४ सितंबर को पेश करने का आदेश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस पूर्व शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष का इस अवैध निर्माण में हाथ है, वह शिंदे गुट में शामिल है।
बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता योगेश मूंदड़ा ने येऊर में ठाणे मनपा के पूर्व शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष सुरेश गाड़ा द्वारा बनाए गए सात अवैध बंगलों के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद उन्होंने लोकायुक्त से भी शिकायत की। शिकायत में उन्होंने कहा कि ये सात बंगले येऊर जंगल में बने हैं, जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील है। मूंदड़ा का आरोप था कि इन निर्माण कार्यों की शिकायत के बावजूद मनपा द्वारा उन्हें बचाया जा रहा है। इस मामले में उनकी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने ११ नवंबर २०२२ को सुनवाई की थी। इसके बाद हाल ही में इस संबंध में एक बार फिर वीडियो कॉन्प्रâेंस के जरिए सुनवाई हुई है।
बताया गया है कि मनपा प्रशासन ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर संबंधितों को नोटिस जारी करने में पांच माह की देरी की है। तदनुसार, लोकायुक्त ने कहा है कि देरी की जांच की जानी चाहिए और यदि यह पाया जाता है कि देरी हुई है तो संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही इन निर्माणों पर टैक्स किस आधार पर लगाया गया है? साथ ही शिकायत में इन सात बंगलों के निर्माण को अनधिकृत साबित होने पर यह सवाल भी उठाया गया है कि उस निर्माण को लेकर आगे क्या किया जाए। क्या इस पर कार्रवाई होगी? इस संबंध में एमआरटीपी के तहत मामला दर्ज कर अगली सुनवाई से पहले इस संबंध में एकत्रित रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील भूखंडों पर किराएदारों को अधिकार वैâसे प्रदान किए गए, इसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई यानी १४ सितंबर, २०२३ से पहले प्रस्तुत की जानी चाहिए।

कौन है सुरेश गाड़ा?
सुरेश गाड़ा ठाणे मनपा के पूर्व शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष हैं। फिलहाल, गाड़ा शिंदे गुट की पार्टी में हैं। ठाणे मनपा प्रशासन सात बंगलों पर अब तक कार्रवाई नहीं कर सकी है। इसलिए ठाणे में ऐसी चर्चा है कि गाड़ा पर मुख्यमंत्री का हाथ होने के कारण उनके द्वारा बनाए गए अवैध बंगलों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।

अन्य समाचार