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ईडी का आतंक, जहां मन हो घुस जाती है! …मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर कसा तंज

• सरकारी एजेंसी से घबराया हुआ है देश
सामना संवाददाता / जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से पूछताछ के मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही गहलोत ने महंगाई और बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बताते हुए कहा कि ईडी का जो तमाशा हो रहा है ऐसा सुना नहीं होगा। देश में आज केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी का आंतक है। उन्होंने कहा कि ईडी के मुकदमों में आधा फीसदी भी सजा नहीं हो पाई तो आप समझ सकते हैं। इनके मुकदमों की हालत क्या है? गहलोत ने कहा कि ईडी सीआरपीसी के प्रोसिजर को नहीं अपनाती। ईडी का पूछताछ करने का, अरेस्ट करने का और छापे डालने का अपना ही तरीका है। जहां इनकम की इच्छा होती है, वहां पहुंच जाती है। ईडी को सीबीआई से ज्यादा पावर मिली हुई है।

ईडी से सरकार गिराने का हो रहा है काम
गहलोत ने कहा कि ईडी का उपयोग सरकारें गिराने में किया जा रहा है। महाराष्ट्र में आपने देखा। ईडी से सरकारें तो गिरा सकते हैं लेकिन मंत्रिमंडल नहीं बना सकते। मंत्रिमंडल ईडी की मदद से नहीं बन सकते। महाराष्ट्र में २८ दिन से मंत्रिमंडल नहीं बना है, केवल सीएम और डिप्टी सीएम ही राज चला रहे हैं। लोकतंत्र किस दिशा में जा रहा है।

महंगाई से भटकाने की कोशिश
गहलोत ने कहा कि ​कल दिन भर एजेंडा चलाया गया कि कांग्रेस सोनिया गांधी के ईडी में बयान लेने पर हल्ला कर रही है। जबकि महंगाई-बेरोजगारी पर केंद्र सरकार मौन है। महंगाई-बेरोजगारी का मुद्दा मोदी नहीं उठा रहे हैं।

संसद में नहीं होती बेराजेगारी पर बहस
गहलोत ने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति गर्त में जा रही है। नौजवान और आम नागरिक बेरोजगार और महंगाई से चिंतित हैं। इन मुद्दों पर संसद में बहस नहीं करने दी जाती। १९ सांसदों को सस्पेंड कर दिया। कांग्रेस राज में कभी किसी सांसद को सस्पेंड नहीं किया जाता था। १२-१२ दिन तक ससंद नहीं चली तब भी किसी को सस्पेंड करने की बात नहीं होती थी। आज मोदी सरकार इसे मजाक बना रखा है। इन्हें यह घमंड है कि इन बातों को देश सपोर्ट कर रहा है। चुनाव में किए वादे केंद्र सरकार भुला दिए। २०१४ में लोकसभा चुनाव में लोकपाल बिल, ब्लैक मनी लाने के वादे किए थे। काले धन पर एसआईटी बनाई थी, वह तो गायब ही हो गई।

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