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खस्ताहाल है ईडी सरकार का खजाना! … विकास कामों के १० हजार करोड़ बिल बकाया

•  ठेकेदारों व कर्मचारियों पर काली दिवाली मनाने का आया समय
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में धन उपलब्ध कराया जा रहा है। ईडी सरकार का दावा है कि राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के काम जोरों पर चल रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह बात सामने आई है कि सरकार का खजाना खस्ताहाल है। विकास कार्यों के करीब १० हजार करोड़ रुपए के बिल बकाया हैं। इससे छोटे-बड़े ठेकेदारों व कर्मचारियों पर काली दिवाली मनाने का समय आ गया है।
केंद्र और राज्य सरकारों के माध्यम से राज्य में होनेवाले अधिकांश विकास कार्य अन्य राज्यों और वैश्विक निविदाओं के माध्यम से बड़े ठेकेदारों को दिए जाते हैं। इससे राज्य के इंजीनियरों और बेरोजगारों के साथ अन्याय हो रहा है। सरकार के विभिन्न विभागों में छोटे-मोटे कार्यों का लगभग १० हजार करोड़ का भुगतान लंबित है, जो स्थानीय ठेकेदारों को दिया जाता है। मासिक भुगतान के लिए संबंधित विभागों से धनराशि नहीं मिलने के कारण ठेकेदार और उनके लिए काम करनेवाले कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त करना शुरू कर दिया है। सरकारी काम करनेवाले ठेकेदारों को हर साल मार्च और दिवाली में उनके काम के लिए सरकार से फंड मिलता है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से सरकारी कामों के भुगतान के लिए फंड देने में आना-कानी की जा रही है। महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने कहा कि यह देखा गया है कि जहां सरकार को निधि देने की कोई आवश्यकता नहीं है, वहां निधि प्रदान करके धन को बर्बाद कर रही है।

किस विभाग पर कितना बकाया
लोक निर्माण कार्य: केवल सरकारी भवनों के रख-रखाव और मरम्मत, नए भवनों के निर्माण के लिए १,७०० करोड़, नए बजट में सड़क निर्माण और नवीनीकरण करीब ६,५०० करोड़, सड़कों के गड्ढे भरने और पुलों की मरम्मत और सड़कों के डामरीकरण के लिए १,८०० करोड़ रुपए।
ग्राम विकास: गौठान और ग्रामीण सड़क कार्यों के लिए लगभग ७८० करोड़ की फंडिंग लंबित है।
जल संसाधन: इस विभाग के तहत चल रहे काम के लिए पिछले डेढ़ साल से कोई फंड नहीं आ रहा है। सरकारी विभागों के पास बकाया राशि के लिए पत्र-व्यवहार कार्रवाई जारी है। अगर आठ दिनों के भीतर ठेकेदारों के लंबित भुगतान के लिए धनराशि नहीं मिली तो राज्य में सभी विकास कार्य बंद कर दिए जाएंगे। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों को निवेदन भेजा गया है।
-मिलिंद भोसले, अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ

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