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एमपी में शिव‘राज’ की सच्चाई …४० लाख में से सिर्फ, २१ को मिला रोजगार!-कांग्रेस ने खोली कलई

सामना संवाददाता / भोपाल
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के राजकाज की कांगे्रस ने कलई खोल दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पिछले साल राज्य में ४० लाख बेरोजगारों ने अपना पंजीयन कराया था, पर इसमें से सरकार ने सिर्फ २१ लोगों को ही नौकरी दी है।
महिला कांग्रेस की पूर्व प्रमुख शोभा ओझा ने एमपी की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में रोजगार के अवसरों की कमी के कारण राज्य के दो करोड़ से अधिक युवा पीड़ित हैं। ओझा ने आरोप लगाया कि शिवराज के १८ साल के शासनकाल में बेरोजगारी, कई तरह के घोटालों के कारण राज्य की युवा पीढ़ी का पतन हुआ है। कहा जाता है कि देश की प्रगति युवा पीढ़ी पर निर्भर करती है और युवा पीढ़ी ही देश का वर्तमान और भविष्य तय करती है। उन्होंने आरोप लगाया, लेकिन मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह के १८ साल के कार्यकाल के दौरान युवा पीढ़ी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। मध्य प्रदेश की जनता ने पिछले १८ सालों में बेरोजगारी, छात्रों की आत्महत्या और कई घोटाले देखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया, भूमाफिया या रेत माफिया को सरकार से संरक्षण मिल रहा है। इतने सालों में हुए घोटालों के कारण किसी को सरकारी नौकरी तक नहीं मिली। पिछले साल यानी २०२२ में करीब ४० लाख युवाओं का रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन हुआ था। शोभा ओझा ने कहा, अब यह शर्म की बात है कि सरकार सिर्फ २१ लोगों को ही रोजगार दे पाई है।

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