मुख्यपृष्ठनए समाचारप्रशांत महासागर का अशांत `रिंग ऑफ फायर'!

प्रशांत महासागर का अशांत `रिंग ऑफ फायर’!

मनमोहन सिंह
`पूरा विश्व नए साल के जश्न में डूबा हुआ था। लेकिन जापान के कुछ शहरों में मंजर ही कुछ अलग था। नए साल में लोग खुशियां मनाने की बजाय चीख-चिल्ला रहे थे। एक झटके में सब बदल गया। लगभग आठ वर्षों में जापान ने सबसे घातक भूकंप का सामना किया। सैकड़ों लोग मौत के मुंह में समा गए, हजारों लोग बेघर हो गए। इसकी वजह है, `रिंग ऑफ फायर’।’
२० सितंबर १५१९। पुर्तगाली साहसी नाविक और अन्वेषक फर्डिनेंड मैगलन स्पेन से अपने जहाजी बेड़े के साथ पृथ्वी की यात्रा पर निकले। वो समुद्री रास्ते से पृथ्वी का चक्कर लगाना चाहते थे।
अटलांटिक महासागर के पार और दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट से होते हुए अंततः मैगलन जलडमरूमध्य की खोज की। उसके बाद वो एक और विशाल समुद्र में थे। साल गुजर कर १५२० हो गया था। उनका जहाज पृथ्वी के सबसे बड़े महासागर पर तैर रहा था। लगभग सारी दुनिया के समुद्रों को देख चुके मैगलन ने इस सागर के अथाह जलराशि को सुखद रूप से शांत पाया।
उन्होंने इसे नाम दिया `पेसिफिक ओशियन’ पेसिफिक का मतलब होता है पीस यानी शांत और इसीलिए इस महासागर का नाम पड़ा-प्रशांत महासागर `प्रशांत’ `शांतिपूर्ण’ का पर्याय है। लेकिन विडंबना तो देखिए मैगलन ने जिस महासागर का नामकरण प्रशांत महासागर किया, शायद उन्हें पता नहीं था कि उस प्रशांत महासागर और उसके आस-पास ज्वालामुखियों, खाइयों और भूकंपीय रूप से सक्रिय स्थानों का एक विशाल चक्र है।
यह इलाका `रिंग ऑफ फायर’ के नाम से कुख्यात है। लगभग २४,९०० मील (४०,००० किलोमीटर) लंबा। यह वह स्थान है, जहां दुनिया के अधिकांश भूकंप और ज्वालामुखी घटनाएं होती हैं।
भौगोलिक रूप से दिलचस्प इस क्षेत्र से १५ से अधिक देश प्रभावित हैं। नई दुनिया में यह दक्षिण, मध्य और उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तटों को गले मिलता है। इसके बाद यह अलास्का के अलेउतियन द्वीप आर्क तक पैâल जाता है। वहां से `रिंग’ जापान से होकर पहले रूस के कामचटका प्रायद्वीप को अपना निशाना बनाता है। अगली पंक्ति में फिलीपींस, इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी और न्यूजीलैंड हैं। यह वलय नीचे उत्तर-पश्चिमी अंटार्कटिका में पूरा होता है, जहां कई ज्वालामुखी मौजूद हैं।
 इसे `रिंग ऑफ फायर’ क्यों कहा जाता है?
प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित ज्वालामुखियों के चक्र के कारण इसे `रिंग ऑफ फायर’ के रूप में जाना जाता है। दुनिया के लगभग ७५ फीसदी ज्वालामुखी इसी क्षेत्र में हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में पानी के नीचे हैं।
 इसमें कौन से देश हैं?
रिंग में १५ देश हैं; इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, पापा न्यू गिनी, फिलीपींस, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, चिली, कनाडा, ग्वाटेमाला, रूस, पेरू, सोलोमन द्वीप, मैक्सिको और अंटार्कटिका।
 सबसे खतरनाक ज्वालामुखी कौन सा है?
इस क्षेत्र में कई खतरनाक ज्वालामुखी हैं, लेकिन उनमें से एक माउंट मेरापी है। यह इंडोनेशिया में जावा द्वीप पर स्थित है। इसका नवीनतम विस्फोट २७ जनवरी, २०२१ को हुआ था, जब ९,७३७ फुट ऊंचे ज्वालामुखी ने राख और भाप उगल दी थी। इससे पहले यह आखिरी बार २०१० में फूटा था, जब इसने लगभग ३५० लोगों की जान ले ली थी।
 इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
अधिकांश भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधि का केंद्र होने के अलावा रिंग में दुनिया की सबसे गहरी खाई है। यहां टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं, जिसका मतलब है कि हम भविष्य में यहां दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीप का निर्माण देख सकते हैं। हम में से शायद ही कोई देख पाए!

 

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