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मौसम की अठखेलियां पड़ रही हैं भारी… सर्दी-खांसी और बुखार के शिकार हो रहे हैं मुंबईकर

-ओपीडी में लगी मरीजों की कतार

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

मुंबई और महाराष्ट्र समेत पूरे हिंदुस्थान में मौसम अठखेलियां खेल रहा है। ऐसे में कहीं धूप खिल रही है, तो कहीं बेतहाशा गर्मी से पसीने छूट रहे हैं तो कहीं बारिश ने परेशान कर रखा है। फिलहाल, इस समय सबसे चिंता का विषय प्रदूषण बना हुआ है, जो लोगों को मार ही डाल रहा है। इन सबके बीच मुंबई में सर्दी-खांसी और बुखार के मामलों में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ये मुंबईकरों की परेशानियों को बढ़ा रहे हैं। आलम यह है कि शहर के अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की कतारें लगने लगी हैं। ऐसे में चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि मरीज बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी तरह की दवा न लें, ऐसा करना उनके लिए भारी पड़ सकता है।
विपरीत मौसम का असर स्वास्थ्य पर
मुंबई में लोग सुबह में ठंड, दोपहर में गर्मी और रात में फिर ठंड का अनुभव कर रहे हैं। इसके विपरीत माहौल का असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मरीज सर्दी, खांसी और वायरल बुखार की शिकायतों को लेकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। बुखार १०१ से १०२ डिग्री तक पहुंच रहा है। जेजे अस्पताल में प्रोफेसर डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि हाल-फिलहाल में डेंगू और मलेरिया के मामले बहुत कम हो गए हैं। ऐसे में मरीजों को इन बीमारियों और वायरल बुखार, सर्दी-खांसी के बीच का अंतर पता नहीं है।
इन बातों का ख्याल रखना जरूरी
डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि इस समय बीमारियों से बचने के लिए गर्म पाना व उचित आहार लेना चाहिए। तैलीय और वसायुक्त भोजन के सेवन से बचें। ठंड मौसम में बाहर निकलते समय कान ढंक लें। सुबह की धूप में बैठें और व्यायाम करें। साथ ही संतुलित आहार खाएं। इतना ही नहीं ठंडी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें, साथ ही यदि आवश्यक हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

रोजाना आ रहे २० से २५ मरीज
डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई मनपा और सरकारी अस्पतालों में इस समय सर्दी-खांसी और बुखार के २० से २५ मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। इन मरीजों में नाक बहने, खुजली, वायरल फीवर, कफ, कोल्ड और सीजनल एलर्जी के मामले बढ़ गए हैं। इसका मुख्य कारण मौसम में अचानक आ रहे बदलाव को बताया जाता है। इसके अलावा श्वसन तंत्र में संक्रमण भी हो रहा है। यह बीमारी हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हमें इनसे बचना है तो अपने स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखना आवश्यक है।

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