मुख्यपृष्ठराजनीतिउत्तर की उलटन-पलटन : जनता सब देख रही है

उत्तर की उलटन-पलटन : जनता सब देख रही है

श्रीकिशोर शाही
जब से राजनीति की कमान तेजस्वी यादव ने संभाली है उनकी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ज्यादातर पर्दे के पीछे ही रहती हैं। अब लालू प्रसाद यादव भी लौट आए हैं तो मीडिया भी उन्हें ही ज्यादातर तवज्जो दे रहा है। मगर हाल ही में जब राबड़ी देवी सार्वजनिक तौर पर एक पूजन कार्यक्रम में नजर आर्इं तो मीडिया का आकर्षण बन गर्इं। लोकसभा में मीसा और रोहिणी दोनों बेटियां चुनाव लड़ रही हैं। बहरहाल, जब उनसे भाजपा के ४०० पार के दावे पर सवाल दागा गया तो उन्होंने बड़े सधे हुए अंदाज में जवाब दिया कि जनता को पैâसला लेना है, किसी के कहने से कुछ नहीं होने वाला है। जनता सब देख रही है। राबड़ी देवी पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में राजद के चुनाव कार्यालय के शुभारंभ पर सत्य नारायण भगवान की कथा में पहुंची थी। राबड़ी का विश्वास झलक रहा है कि बिहार में महागठबंधन सभी सीटों पर जीत रहा है। मीसा भारती और रोहिणी आचार्य को क्षेत्र की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। राबड़ी कहती हैं, चुनाव में किसी को टक्कर देने या नहीं देने का सवाल नहीं है, बल्कि जनता जो चाहेगी वही होगा। चुनाव में जनता मालिक होती है। पीएम मोदी के बिहार दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हर किसी को पूरे देश में आने-जाने का अधिकार है, किसी को कहीं आने-जाने से कोई भी नहीं रोक सकता है। दो चरण के वोट हो चुके हैं, अब देखना है बिहार की जनता का मूड किधर जा रहा है।
बब्बर को भी टिकट की चाहत
अभिनेता से राजनेता बने राज बब्बर को भी लोकसभा चुनाव लड़ने की इक्षा है। वे गुरुग्राम से चुनाव लड़ना चाहते हैं। फिलहाल इस कॉलम के लिखे जाने तक तो उनके नाम की घोषणा नहीं हुई थी। मगर सूत्रों का दावा है कि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो उनका टिकट पक्का ही समझना चाहिए। वैसे हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह के लिए बुरी खबर है। कॉंग्रेस ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने पिछले महीने ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। बहरहाल, हरियाणा के आठ घोषित उम्मीदवारों की सूची में कांग्रेस ने तीन बार के सांसद और हुड्डा के वफादार जय प्रकाश को हिसार से मैदान में उतारा है। बृजेंद्र ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद २०१९ में भाजपा के टिकट पर सीट जीती थी। इसी तरह, हुड्डा के बेटे दीपेंद्र को रोहतक सीट से मैदान में उतारा गया है, जहां वे २०१९ में भाजपा से ७,००० से थोड़े ज्यादा वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। कांग्रेस ने हुड्डा की जानी-मानी विरोधी कुमारी शैलजा को भी सिरसा से उम्मीदवार बनाया है। दीपेंद्र के वफादार हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा करनाल में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुकाबला करेंगे। अन्य उम्मीदवारों में फरीदाबाद से महेंद्र प्रताप सिंह, भिवानी-महेंद्रगढ़ से राव दान सिंह, अंबाला से वरुण चौधरी और सोनीपत से सतपाल ब्रह्मचारी शामिल हैं।
चार राज्यों की कमान श्रीमती के पास
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल चार राज्यों में पार्टी के प्रचार की कमान संभालेंगी। ये चारों राज्य हैं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात। प्रचार की शुरुआत कल २७ अप्रैल को दिल्ली से हो गई। श्रीमती केजरीवाल ने अपना पहला चुनावी रोड शो पूर्वी दिल्ली से शुरू किया। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों का प्रचार करने के अलावा सुनीता केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा भी लोगों के बीच उठाएंगी। आज २८ अप्रैल को पश्चिमी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार महाबल मिश्रा के लिए रोड शो निकालेंगी। गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन है। इस गठबंधन के तहत आम आदमी पार्टी दिल्ली की ७ में से चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, कांग्रेस बाकी बची तीन सीटों पर चुनाव मैदान में है। दिल्ली के अलावा सुनीता केजरीवाल पंजाब भी जाएंगी, जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। यहां वह आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों के लिए पंजाब की जनता से वोट मांगेंगी। इसके अलावा वे गुजरात में भी गरजेंगी। आप को उम्मीद है कि श्रीमती केजरीवाल के प्रचार का लोगों में अच्छा संदेश जाएगा और पार्टी चुनाव जीतने में कामयाब होगी।

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