" /> वैक्सीन पर भारी अफवाहों का वायरस!

वैक्सीन पर भारी अफवाहों का वायरस!

कहीं डंडे से दिया खदेड़
तो कहीं हंसिया दिखाया
कोरोना वैक्सीन को लेकर फैली भ्रातियों, अफवाहों का देश के ग्रामीण इलाकों में ये आलम है कि लोग टीके का नाम सुनते की भड़क जाते हैं। वैक्सीन पर अफवाहों का वायरस इस तरह हावी है कि किसी गांव में कोई हंसिया लेकर स्वास्थकर्मियों की टीम को दौड़ा रहा है, काट डालने की धमकी दे रहा है, तो कहीं महिलाएं डंडा लेकर एलान कर रही हैं कि जाओ बाबू, किसी को और सुनाना वैक्सीन का फसाना। नहीं चाहिए तुम्हारा टीका। वृद्ध लोगों को तो कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा है, पर अफवाहों का वायरस उन्हें पहले ही चपेट में ले चुका है। बाराबंकी जिले के सिसोदा गांव में तो वैक्सीन से बचने के लिए लोग नदी में वूâद गए।
कई गांवों की हालत ऐसी है कि लोग कहते हैं, ‘मर भी जाएंगे तो हम खुद अपनी लाश फेंक देंगे, पर तुम्हारी वैक्सीन नहीं लगवाएंगे।’ यूपी के कानपुर और बिहार के बेगूसराय से ऐसे मामले सामने आए हैं। कई जगह तो लोग अंधविश्वास के चलते कोरोना की जांच ही नहीं करवा रहे। ऐसा ही कुछ मामला झारखंड के एक गांव में देखने को मिला। वहां कोरोना जांच और वैक्सीन लगाने के लिए पहुंची टीम को गांव वालों ने खदेड़ दिया और किसी ने भी कोरोना टेस्ट नहीं कराया। यह मामला गुमला जिले बनालात गांव का है। गांव के लोगों का कहना है कि वैक्सीन लगाने से महीनों तक बुखार आ जाता है इसलिए उन्हें वैक्सीन नहीं लगवानी। यहां के लोग तबीयत खराब होने पर गांव के झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं या फिर झाड़-फूंक के द्वारा बीमारी को खत्म करने का प्रयास करते हैं। उनका मानना है कि वैक्सीन लगाने से बुखार आता है और फिर व्यक्ति की मौत हो जाती है। इसीलिए जब सरकार की तरफ से कोरोना जांच और टीके के लिए मेडिकल टीम भेजी गई तो उसे गांव वालों ने उन्हें खदेड़कर भगा दिया। इसी तरह विशुनपुर में पिछले १५ दिनों में १० लोगों की मौत हो चुकी है, मगर लोगों को टीका नहीं लगवाना। यूपी के बलरामपुर जिला अंतर्गत ललिया थाना क्षेत्र के मोतीखुर्द गांव में टीकाकरण के लिए जागरूक करने पहुंची स्वास्थ्य टीम को महिलाओं ने हंसिया व खुरपा लेकर दौड़ा लिया। सीएचसी शिवपुरा के अधीक्षक व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों का कहना था कि टीके का पहला डोज लगवाने पर उन्हें दिक्कत हुई थी। इसी तरह ललिया व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मथुरा बाजार में ९० फीसदी लोगों ने कोविड टीकाकरण की दूसरी डोज लेने से इंकार कर दिया। चेन्नई में मछुआरों के एक गांव में टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक एनजीओ द्वारा बिरयानी और मुफ्त में उपहार देने की लकी ड्रॉ स्कीम शुरू की गई। एनजीओ का कहना है कि उसकी ये स्कीम काम कर रही है। गांव में वैक्सीन लगवाने की संख्या में वृद्धि हुई है।