मुख्यपृष्ठसमाचारफिर ट्रैक्टर पर चढ़ेंगे किसान... किसानों ने दिल्ली बैठक में लिया फैसला

फिर ट्रैक्टर पर चढ़ेंगे किसान… किसानों ने दिल्ली बैठक में लिया फैसला

सामना संवाददाता / सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा की दिल्ली में हुई बैठक में दोबारा से किसान आंदोलन शुरू करने का पैâसला हुआ। किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने बताया कि २१ मार्च को देश भर में रोष प्रदर्शन होगा। इसके बाद २५ मार्च को चंडीगढ़ से ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। श्एझ् को लेकर किसान एक सप्ताह तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।। मोर्चा से जुड़े नेताओं का कहना है कि इसमें दोबारा से किसा आंदोलन शुरू करने पर चर्चा के बाद पैâसला लिया जा सकता है। हालांकि पंजाब और यूपी में विधानसभा चुनाव के बाद देश के करीब दर्जनभर किसान संगठन अब संघर्ष से किनारा करते नजर आ रहे हैं, वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि वे किसानों के साथ हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की दिल्ली में प्रस्तावित बैठक को लेकर चल रही चर्चाओं को देखा जाए तो कहा जा रहा है कि फिर से किसान आंदोलन शुरू करने पर पैâसला ले सकता है। आंदोलन को स्थगित करने के दौरान कई मुद्दों पर केंद्र सरकार से हुई वार्ता भी सिरे नहीं चढ़ी है। न तो किसानों पर दर्ज सभी केस वापस लिए गए हैं। कई अन्य मुद्दे भी अभी अधर में लटके हैं।
टिकैत अब भी हैं साथ
दूसरी तरफ भाकियू नेता राकेश टिवैâत ने कहा कि जो भी दल सत्ता में है, हमारी मांगें पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। मैं यूपी चुनाव के बारे में बात नहीं करना चाहता। सब खत्म हो गया, लेकिन शत-प्रतिशत आंदोलन जारी रहेगा। मैं एसकेएम के साथ हूं। हालांकि किसानों के सामने अब कठिन चुनौती है। संगठन के निर्णय लेने वाले पैनल के एक सदस्य ने कहा कि किसानों के लक्ष्य केवल एक चुनाव के बारे में नहीं थे, हालांकि किसान मोर्चा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए व्यापक रूप से प्रचार किया।
किसानों की मांगों पर सरकार की चुप्पी
केंद्र सरकार ने बेशक तीन कृषि कानून वापस ले लिए पर अन्य सभी वादों से सरकार पीछे हटती नजर आ रही है। मामला बेशक एमएसपी का हो या फिर किसानों की कर्जमाफी का लेकिन सरकार सभी वादों से मुकरती नजर आ रही है। किसानों पर दिल्ली और दिल्ली की सीमाओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस नहीं लिए जा रहे। खराब मौसम के चलते बर्बाद हुई नरमे की फसल का मुआवजा नहीं दिया जा रहा। गन्ने की फसल में किए गए ३५ रुपए प्रति क्विंटल के इजाफे की रकम किसानों को अब तक नहीं मिल सकी।

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