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चांद पर पड़े हैं ९६ मल-मूत्र और उल्टी के बैग!… कदम रखते ही कबाड़ दर्शन! …१४० मिशन,२०० टन कचरा

सामना संवाददाता / मुंबई
इंसान जहां भी जाता है, कचरा छोड़ आता है। चांद भी इसका अपवाद नहीं है। चांद पर विक्रम लैंडर और रावर प्रज्ञान ने अपने कदम सफलतापूर्वक रख दिए हैं। प्रज्ञान ने साउथ पोल की कई तस्वीरें भी भेजी हैं। मगर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा अभी तक इंसानों ने चांद पर २०० टन कबाड़ का ढेर लगा दिया है। असल में अभी तक चांद पर कुल १४० मिशन को अंजाम दिया गया है। ये कचरे का ढेर उन्हीं मिशनों का है।
बता दें कि चंद्रमा पर खोज के लिए भेजे गए मिशन के कारण वहां पृथ्वी से काफी कचरा पहुंच चुका है। इस कबाड़ में भारी भरकम मशीनें और टेक्निकल चीजें तो हैं ही, साथ ही मानव मल, यूरिन और उल्टी के ९६ पैकेट्स भी शामिल हैं। कबाड़ में शामिल अन्य वस्तुएं हैं भाला, बाज का पंख, चिमटे, ड्रिल, तौलिये, ब्रश, रेक आदि। शुरू में चांद के लिए कई अपोलो मिशन लॉन्च हुए थे। अपोलो जिस जगह पर लैंड हुआ था, उसके आसपास कई चीजें बिखरी हुई हैं, इन्हें कभी वापस नहीं लाया गया। वहां एक पारिवारिक तस्वीर और एक फॉलन एस्ट्रोनॉट (एल्युमीनियम की मूर्ति) शामिल है। फॉलन एस्ट्रोनॉट के पास एक पट्टिका भी पड़ी है, जिस पर अंतरिक्ष खोज के दौरान मारे गए १४ वैज्ञानिकों के नाम हैं। अपोलो मिशन के पांच सैटर्न रॉकेट इन अवशेषों में सबसे ज्यादा भारी-भरकम हैं। इसके बाद अंतरिक्ष यानों का मलबा है, जो मिशन के आखिरी चरण में चंद्रमा की सतह पर हादसे का शिकार हो गए। इसके अलावा चांद पर रोबोटिक लैंडर और रोवर्स का मलबा भी बड़ी मात्रा में है, जो अब किसी काम के नहीं हैं। उनकी बैटरियां खत्म हो गर्इं हैं या फिर हार्डवेयर खराब हो गया है। चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष यान लूना-९ है। यह चंद्रमा के पश्चिमी छोर पर है।

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